Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

मंदसौर जिले में गिर गाय का पहला प्रोजेक्ट शुरू

03 जनवरी 2023, मंदसौर: मंदसौर जिले में गिर गाय का पहला प्रोजेक्ट शुरू – मंदसौर जिले में गिर गाय का पहला प्रोजेक्ट सीतामऊ रोड पर ग्राम गुर्जर बर्डिया में नए वर्ष पर प्रारंभ हुआ। अब किसान को गिर प्रोजेक्ट के बारे में जानने या गिर गाय को पालने के लिए किसान आसानी से गांव के केंद्र पर जाकर उसके बारे में जानकारी ले सकता है।

 इस प्रोजेक्ट के संबंध में गांव के किसानों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट के द्वारा किसानों को भी फायदा होगा। एक समय था जब गिर गायों को देखने के लिए मंदसौर जिले से बाहर राजस्थान, गुजरात, महू एवं अन्य क्षेत्रों में जाना पड़ता था। वहां पर गिर गाय देखने को मिलती थी। लेकिन अब यह सुविधा गांव गुर्जर बर्डीया में ही प्रारंभ हो गई है। अब किसान को गिर प्रोजेक्ट के बारे में जानना है या गिर गाय को पालना हो तो वह आसानी से गांव के केंद्र पर जाकर उसके बारे में जानकारी ले सकता है। यह प्रोजेक्ट निश्चित रूप से किसानों की आर्थिक विकास का प्रेरणा स्रोत बनेगा। इस केंद्र के माध्यम से किसानों को शासकीय दर पर ही गिर नस्ल के केड़े प्राप्त होंगे। जिससे किसानों के घर पर जो पशु हैं, उसमें नस्ल सुधार होगा। उससे दूध का उत्पादन बढ़ेगा और दूध के उत्पादन के बढ़ने से किसान आर्थिक रूप से सशक्त होगा।

 पशुपालन विभाग के उपसंचालक डॉ. मनीष इंगोले का कहना है कि वर्तमान में 25 गिर गायों को उनके बच्चों सहित लाया गया है। यह गाय दूध देने में सबसे अच्छी हैं। इसके साथ ही यह सभी मौसम के अनुकूल ढल जाती है। यह प्राचीन गिर गाय की नस्ल है। इनके रहने के लिए बाड़ों का निर्माण किया गया है। इनका वंश भी बड़ेगा। इसके साथ ही जिले में नस्ल सुधार का कार्य भी होगा। यह क्षेत्र बेहतर गिर गाय नस्ल का क्षेत्र बनेगा। गिर गाय केंद्र को देखकर किसानों के अंदर भी इनको पालने की प्रेरणा जागेगी। जिससे किसान दूध के क्षेत्र में, जैविक कृषि के क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

महत्वपूर्ण खबर: गेहूं में इल्ली के प्रकोप से किसान चिंतित, कर रहे कीटनाशकों का छिड़काव

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम )