Ad DesktopAd TabletAd Mobile
फसल की खेती (Crop Cultivation)

केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्थान ने कपास की उच्च उपज के लिए जारी की उर्वरक प्रबंधन पर सलाह

15 जुलाई 2023, भोपाल: केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्थान ने कपास की उच्च उपज के लिए जारी की उर्वरक प्रबंधन पर सलाह – केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्थान- सिरसा, हरियाणा ने नरमा कपास फसल  की उच्च पैदावार प्राप्त करने के लिए किसानों को सलाह जारी की हैं। इस सलाह में संस्थान द्वारा नरमा कपास किसानों को उर्वरकों का सही उपयोग भी बताया गया हैं।

इस सलाह के अनुसार कपास की फसल में उर्वरकों का संतुलित प्रयोग मिट्टी परीक्षण के आधार पर करें एवं पोषक तत्वों की कमी तथा नाइट्रोजन की अधिकता न होने दें।

हरियाणा पंजाब व राज्य के विश्वविद्यालयों द्वारा सिफारिश के किए गए पोषक तत्व एंव उर्वरको की मात्रा-
फसलनामपंजाबहरियाणाराज.
अमेरिकन कपास एंव देशी कपास के हाइब्रिडयूरिया225380325
 डी.ए.पी.6713087
 एस.एस.पी187375250
 एम. ओ.पी –10035
अमेरिकन कपास एंव देशी कपास की किस्मोंयूरिया162112 (देशी),187 (नरमा)195 (देशी), 217 (नरमा)
 डी.ए.पी.67देशी, 67 (नरमा)45 (देशी), 87 (नरमा)
 एस.एस.पी187देशी, 187 (नरमा)125 (देशी), 250 (नरमा)
 एम. ओ.पी – – –
बी.टी. किस्मों के लिए (पंजाब)यूरिया162 – –
 डी.ए.पी.67 – –
 एस.एस.पी187 – –
केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्थान ने कपास की उच्च उपज के लिए जारी की उर्वरक प्रबंधन पर सलाह

नरमा- कपास मे 25 किग्रा. जिंक सल्फेट हेप्टाहाइड्रेट (21%) या 16.25 किग्रा.जिंक सल्फेट मोनोहाइड्रेट (33%) बिजाई के समय जमीन में मिलाये। पंजाब की हल्की जमीनों में म्यूरेट ऑफ पोटाश में 50 किलोग्राम पोटाश ऑफ पोटाश प्रति हेक्टेयर बुआई के समय डालें। बोरॉन की कमी वाली मिट्टी में 1 किलोग्राम बोरोन (10 किलोग्राम बोरेक्स) प्रति हेक्टेयर बुआई के समय मिलाये।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile
कपास उर्वरक प्रबंधन में ध्यान देने योग्य बाते-

बुवाई के समय फास्फोरस की पूरी मात्रा प्रयोग करें तथा नाइट्रोजन की आधी मात्रा विरलीकरण के समय और आधी फूल  आने पर डालें। यदि मिट्टी में नाइट्रोजन की उपलब्धता कम है, तो नाइट्रोजन की आधी मात्रा विरलीकरण के बजाय बुवाई के समय दी जा सकती है।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

जुलाई-अगस्त माह में नरमा-कपास की फसल पर भारी मात्रा में एक साथ फूल, फूल डोडी व टिंडे आते हैं, तो इस समय पोषक तत्वों की उपलब्धता का ध्यान रखे, ताकि पैराविल्टिंग की समस्या न आयें।

फसल में फूल आने शूरू होने पर 2% पोटेशियम नाइट्रेट (13:00:45) के 3-5 छिड़काव साप्ताहिक अंतराल पर करें।

बी.टी. कपास में उच्च उपज और लाल पत्तियो के प्रबंधन के लिए 1% मैग्नीशियम सल्फेट (2.5 किग्रा. प्रति हेक्टेयर 250 लीटर पानी) के 2 छिड़काव 15 दिनों के अंतराल पर फूल व फूल डोडी खिलने और टिंडे के विकास के समय प्रयोग करें।

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम )