राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

बेहतर मानसून के पूर्वानुमान से अच्छी खेती की उम्मीदें

आईएमडी पूर्वानुमान : एलपीए का 106 फीसदी बारिश की संभावना

26 अप्रैल 2024, नई दिल्ली: बेहतर मानसून के पूर्वानुमान से अच्छी खेती की उम्मीदें – भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने किसानों के लिए खुश खबरी देते हुए बताया कि इस बार जून से सितंबर तक मानसून सामान्य से बेहतर रहेगा। मौसम विभाग 104 से 110 फीसदी के बीच बारिश को सामान्य से बेहतर मानता है। यह फसलों के लिए अच्छा संकेत है।  मौसम विभाग ने बताया कि 2024 में 106 प्रतिशत यानी 87 सेंटीमीटर बारिश हो सकती है। 4 महीने के मानसून सीजन के लिए लॉन्ग पीरियड एवरेज (रुक्क्र) 868.6 मिलीमीटर यानी 86.86 सेंटीमीटर होता है। यानी मानसून सीजन में कुल इतनी बारिश होनी चाहिए। जून से सितंबर तक 4 महीने में 96 से 104 प्रतिशत के बीच बारिश हो सकती है। देश में आमतौर पर मानसून 1 जून के आसपास केरल के रास्ते आता है।

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ. एम. रविचंद्रन ने बताया कि जून से सितंबर 2024 में दक्षिण पश्चिम मानसून के दौरान पूरे देश में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है। नई दिल्ली में 2024 दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन की बारिश के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि ह् 5 प्रतिशत की मॉडल त्रुटि के साथ इसके लंबी अवधि के औसत (एलपीए) का 106 प्रतिशत रहने की संभावना है। 1971-2020 के आंकड़ों के आधार पर पूरे देश में मानसून सीजन की बारिश का एलपीए 87 सेमी है।

महानिदेशक, आईएमडी, डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि वर्तमान में, भू-मध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में मध्यम अल नीनो प्रभाव की स्थिति बनी हुई है और जलवायु मॉडल के पूर्वानुमान मानसून सीजन के शुरुआत तक तटस्थ और मानसून के दूसरे भाग में ला नीना के प्रभाव का संकेत देते हैं।

उन्होंने कहा, आईएमडी मई 2024 के अंतिम सप्ताह में मानसून की बारिश का अद्यतन पूर्वानुमान जारी करेगा।

म.प्र. सहित 20 से ज्यादा राज्यों में सामान्य से अधिक बारिश का अनुमान

इन राज्यों केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान, पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड, प.बंगाल, सिक्किम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, पुड्डुचेरी, अंडमान निकोबार द्वीप समूह, लक्षदीप, दादरा और नगर हवेली, दमन-दीव में अधिक बारिश होगी।

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