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राज्य कृषि समाचार (State News)

सोमगांवकला में वसुमता क्लस्टर शिविर सम्पन्न

10 जनवरी 2023, हरदा: सोमगांवकला में वसुमता क्लस्टर शिविर सम्पन्न – गत शुक्रवार को खिरकिया विकासखंड के ग्राम सोमगांव कला में कृषि विभाग द्वारा वसुमता शिविर आयोजित किया गया । इस शिविर में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री पीसी गुप्ता के साथ-साथ कलेक्टर श्री ऋषि गर्ग तथा पुलिस अधीक्षक श्री मनीष अग्रवाल भी उपस्थित हुए। शिविर में कृषि विभाग के साथ साथ सहकारिता विभाग, मछली पालन विभाग, उद्यानिकी विभाग व पशुपालन विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग की योजनाओं की जानकारी उपस्थित किसानों को दी। शिविर में दीपगांवकलां, भगवानपुरा, आमासेल, जिनवान्या, लोलांगरा, हसनपुरा, सोमगांवकलां, कडोला राघो, नहालीकलां, सारसूद आदि गांव के लगभग 250 कृषक सम्मिलित हुए थे।

शिविर में समसामायिक तकनीकी समस्याओं का निराकरण किया गया तथा आने वाले समय में रबी फसलों में कीट-व्याधि नियंत्रण हेतु तकनीकी जानकारी दी गई। वसुमता शिविर में पशुपालन विभाग द्वारा पशुपालन क्रेडिट कार्ड के तहत 15 पशुपालकों के आवेदन प्राप्त किये तथा 30 पशु पालकों को दवाई का वितरित की गई। उद्यानिकी विभाग द्वारा 4 कृषकों को स्प्रिंकलर एवं ड्रीप स्वीकृति प्रदान की गई तथा मसाला एवं सब्जी वर्गीय फसलों के 2 कृषकों को अनुदान राशि के प्रमाण पत्र वितरित किये गये। इस दौरान प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना के 2 आवेदन प्राप्त हुए। सहायक संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास ने कृषकों प्राकृतिक कृषि एवं प्राकृतिक कृषि में उपयोग आने वाले अवयवों की जानकारी दी। शिविर में कृषि विभाग द्वारा 6 प्रगतिशील कृषकों को नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हेतु प्रशस्ति पत्र प्रदान किये गये। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनान्तर्गत 5 कृषकों को स्प्रिंकलर सेट हेतु 12000 रूपये प्रति स्प्रिंकलर के मान से 60000 रूपये एवं 1 कृषक को विद्युत पम्प स्थापना के लिये 10000 रूपये का हितलाभ स्वीकृति पत्र प्रदान किये गये। इस प्रकार कुल 6 कृषकों को कुल राशि रूपये 70000 का हितलाभ स्वीकृत किये गये।

 शिविर में कृषि वैज्ञानिक डॉ. एस.के. तिवारी, डॉ. ओमप्रकाश भारती एवं डॉ. सर्वेश कुमार द्वारा कृषकों को चने में उकठा रोग के नियंत्रण हेतु टेबुकोनॉजाल $ सल्फर, 400 ग्राम 100-125 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड़ छिड़काव करने की सलाह दी गई। गेहूं में जड़माहू प्रकोप के लक्षण बताये गये तथा नियंत्रण हेतु क्लोरोपॉयरीफास 20 ई.सी. 600 मि.ली. प्रति एकड़ की दर से 100-125 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करने की सलाह दी गई। चने की इल्ली – इमामेक्टिन बेन्जोएट 5 प्रतिशत की एक एकड़ के लिए 125 ग्राम पानी में घोलकर प्रति एकड़ छिड़काव करने की सलाह दी गई एवं बताया गया कि, दूसरा स्प्रे की आवश्यकता हो तब दूसरा कीटनाशी उपयोग करें। प्रगतिशील किसान श्री लखन पटेल, ग्राम नहालीकलां के द्वारा वसुमता क्लस्टर कैम्प में उपस्थित किसानों को गेहूं की 7 प्रजातियों के संबंध में जानकारी दी गई। किसान श्री आनंद यादव, हसनपुरा द्वारा गाय के गौमूत्र व गोबर से बने उत्पादो की जानकारी दी गई ।

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