Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

रिमोट सेंसिंग, जीआईएस तकनीक का कृषिे क्षेत्र में हो बेहतर उपयोग- डॉ. दास

21 दिवसीय सुदूर एवं भौगोलिक सूचना यंत्र विषय पर प्रशिक्षण का शुभारंभ

21 सितम्बर 2023, जबलपुर: रिमोट सेंसिंग, जीआईएस तकनीक का कृषिे क्षेत्र में हो बेहतर उपयोग- डॉ. दास – जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर के कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय में राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना (नाहेप ) के तहत 23 वीं 21 दिवसीय प्रशिक्षण ‘‘ सुदूर संवेदन एवं भौगोलिक सूचना यंत्र ‘‘ विषय पर प्रशिक्षण का र आयोजन प्रोफेसर डॉ. एस. बी. दास, कीट विज्ञान शास्त्र विभागाध्यक्ष,शाखा प्रमुख एवं डॉ. सी. एम. एब्रॉल के मुख्य आतिथ्य में हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. एस.बी.दास ने कहा कि यह प्रशिक्षण प्रशिक्षार्थियों के लिये बहुत ही उपयोगी सिद्ध होगा। आपने बताया कि सतत् 21 दिवस तक सैद्धांतिक व व्यवहारिक प्रशिक्षण के साथ ही रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक के सॉफ्टवेयर का बेहतर उपयोग करना एवं कृषि के क्षेत्र पर व्यवहारिक प्रशिक्षण, प्रशिक्षार्थियों को प्रदान किया जा रहा है।

कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर अध्यक्षता कर रहे नाहेप परियोजना प्रमुख समन्वयक डॉ. आर. के. नेमा ने बताया कि यह तकनीक आने वाले भविष्य में महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण में उत्तरप्रदेश, नागालैंड, महाराष्ट्र और जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्विद्यालय, मध्यप्रदेश के 31 प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के शुभारंभ में सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण किट वितरित किया गया। 21 दिवसीय प्रशिक्षण में सह समन्वयक की भूमिका डॉ. आर.एन. श्रीवास्तव द्वारा निभा रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन श्री प्रशांत सिनोरिया एवं आभार नाहेप परियोजना के सह समन्वयक डॉ. एम.के. अवस्थी द्वारा किया गया।

21 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में श्री प्रशांत सिनोरिया, डॉ. सुमित काकडे, डॉ. दीपक पटले, डॉ. उमाकांत रावत, डॉ. देवेंद्र वास्ट, डॉ. पी.एस. पवार इंजी. कृष्णा सिंह, इंजी. अंजलि पटेल, इंजी रचित नेमा, इंजी. आनंद कौरवार, इंजी. राहुल दुबे सहित प्राध्यापक, वैज्ञानिक एवं समस्त नाहेप सदस्यों की उपस्थिति सराहनीय रही।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम )

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें