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राज्य कृषि समाचार (State News)

अंतर्राष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष-2023 एवं राजस्थान मिलेट्स मिशन की जागरूकता के संबंध में जिला स्तरीय कार्यशाला संपन्न

25 सितम्बर 2023, जालौर: अंतर्राष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष-2023 एवं राजस्थान मिलेट्स मिशन की जागरूकता के संबंध में जिला स्तरीय कार्यशाला संपन्न – अन्तर्राष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष 2023 व राजस्थान मिलेट्स मिशन के तहत पोषक अनाजों के उत्पादन में वृद्धि, मूल्य संवर्द्धन, मूल्य संवर्धित उत्पादों के घरेलू उपयोग में वृद्धि आदि के संबंध में जागरूकता लाने के उद्देश्य से वर्ष 2023-24 में खाद्य एवं पोषण सुरक्षा पौष्टिक अनाज योजनान्तर्गत जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन कृषि अनुसंधान केन्द्र केशवणा में किया गया जिसमें जिले के ज्वार, बाजरा की कृषि करने वाले किसानों सहित प्रगतिशील किसान एवं एग्रो प्रोडक्ट से संबंधित उद्यमी उपस्थित रहे।

कार्यशाला में कृषि विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ.आर.बी.सिंह ने अन्तर्राष्ट्रीय मिलेट्स के महत्व व उपयोगिता के बारे में विस्तार से बताते हुए कृषि खण्ड जालोर के अधीन जिला जालोर, सांचौर, सिरोही एवं पाली में मिलेट्स फसल के क्षेत्रफल उत्पादन एवं उत्पादकता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जालोर खण्ड में बाजरा का क्षेत्रफल ज्यादा है एवं इससे मूल्य संवर्द्धन को बढावा देने के लिए बिस्कुट, नमकीन, बाजरे के लड्डू, कुरकुरे व अन्य उत्पाद का निर्माण एवं निर्यात को बढ़ावा देने के लिए स्वयं सहायता समूह, मिलेट्स उद्यमी को आहवान किया गया जिससे कृषकों के आय में बढोतरी हो सकें।

उन्होंने ज्वार, बाजरा, मक्का सहित कुरी, बटी, रागी, सामा आदि के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए उपस्थित कृषकों एवं विद्यार्थियों को मिलेट्स की महत्त्वता के बारे में चर्चा की। उन्होंने मिलेट्स की बुवाई को प्रोत्साहन देने के साथ ही इनकी गुणवत्तापूर्ण बीजों के माध्यम से खेती करते हुए इसके उत्पादन बढ़ाने की बात कही। उन्होंने बताया कि मिलेट्स का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदाय है साथ ही इनसे इम्युनिटी बढ़ाने में भी सहायता मिलती है।  

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कृषि अनुसंधान केन्द्र के सहायक प्राध्यापक अर्जुन बिजारनिया ने मिलेट्स उत्पादन तकनीक के बारे में बताते हुए जानकारी दी कि मिलेट तुलनात्मक रूप से अधिक पोषक तत्वां एवं खनिज लवणों से भरपूर होते है। इनमें गेहूँ व चावल के मुकाबले पाचक रेशों की प्रचुर मात्रा के साथ ही आयरन, ओमेगा-3, जिंक कई गुना अधिक पाया जाता है, जों मधुमेह, मोटापा, हृदय रोग सहित उच्च रक्तचाप रोकने में मददगार है तथा इनमें कैंसर रोधी गुण भी पाये जाते हैं।

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राजीविका की जिला परियोजना प्रबन्धक द्वारा उनके द्वारा गठित महिला स्वयं सहायता समूह को मिलेट्स उत्पाद तैयार करने एवं इनके उपभोग एवं बिक्री के लिए सुलभ करवाने के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया गया।

जिला स्तरीय कार्यशाला में 150 से अधिक प्रतिभागियों में अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, कृषक उत्पादक संगठन, स्वयं सहायता समूह, मिलेट्स उद्यमी व कृषकों ने भाग लिया।

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