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फसल की खेती (Crop Cultivation)

पूसा संस्थान के विशेषज्ञ ने किसानों को बताया गाजर की खेती से कैसे होगी भरपूर कमाई

19 दिसम्बर 2023, नई दिल्ली: पूसा संस्थान के विशेषज्ञ ने किसानों को बताया गाजर की खेती से कैसे होगी भरपूर कमाई – जड़ वाली सब्जियों में गाजर एक प्रमुख फसल हैं जोकि विटामिन ए का प्रमुख स्त्रोत होने के साथ-साथ आयरन उत्पत्ति का भी एक महत्वपूर्ण विकल्प हैं। खासकर उन किसानों के लिए जो गाजर में बीज उत्पादन भी करते हैं। जो किसान गाजर में बीज उत्पादन करते हैं या करना चाहते हैं उन्हें किन समसायिक क्रियाओं का विशेष ध्यान रखना चाहिए इसकी संपूर्ण जानकारी पूसा संस्थान (भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान) के विशेषज्ञन डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह ने दी हैं, जो इस प्रकार हैं।  

गाजर की करीब साढ़े तीन महीने की फसल रोपाई  के लिए तैयार हो जाती हैं। इसके बाद गाजर की जड़ों का संरक्षण करे। गाजर की जड़ सर्पी आकार गोलाकार जैसी दिखाई देती हैं। ज्यादातर ये एक जैसी ही नजर आती हैं इनका डाया करीब 2-2.15 इंच का होता हैं। 

इस प्रकार किसान गाजर का चयन करें। चयन के बाद गाजर की छटाई करे हैं और छटाई के लिए गाजर का 2 इंच जड़ का भाग व 2 इंच हारा का भाग लिया जाता हैं। इसमें ध्यान रखें जो दोमूही गाजर व बहुत जड़ वाली जो गाजर हैं उनका चुनाव ना करें।

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गाजर की प्लानटिंग के लिए बेड कैसे बनाय़ें

गाजर की प्लाटिंग करने से पहले उसका बेड बनाया जाता है। किसान बेड मेकर से बेड बनाते समय बेड की चौड़ाई करीब 4 फीट की रखें। वही, बेड के दोनो तरफ 1.5 फीट की नाली बनाये और बेड की ऊंचाई 6 इंच रखें।

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गाजर के उत्पादन में कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां

गाजर के उत्पादन में कुछ सावधानियां काफी महत्वपूर्ण हैं। आपने गाजर की किस्मों का चयन कर लिया, बेड प्लानटिंग कर ली, फसल को खरपतवार मुक्त कर लिया और उसके बाद आपकी बहुत अच्छी फेवरिंग भी आई लेकिन इसमें आपको एक बात पर ध्यान देने की जरूरत हैं कि कि एक खेत से दूसरे खेत की दूरी (एक प्रजाति की दूसरी प्रजाति से दूरी) कम से कम 100 मीटर होनी चाहिए। वरना दोनों खेतों की मक्खियां मिल जायेंगी और बीज दूषित हो जायेगा। जब फेवरिंग पर फसल आती हैं तो इस स्थिति में अगर हम इसमें मधुमक्खी के छत्ते रख दें तो इसकी पैदावार और अधिक हो जायेगी।

1 एकड़ में करीब 500 किलोग्राम बीज का उत्पादन

इस प्रकार बेड प्लानटिंग करने पर 1 एकड़ से करीब 4.5-5 क्विंटल बीज उत्पादन लिया जा सकता हैं। इस प्रकार अगर देखा जायें प्रति एकड़ पैदावार के हिसाब से तो 2000 रूपये प्रति किलोग्रम गाजर का बीज बेंच सकते है। और इस तकनीक से किसान 1 एकड़ में करीब 500 किलोग्राम बीज का उत्पादन कर सकते हैं।

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