राज्य कृषि समाचार (State News)

शाजापुर: राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-तिलहन के तहत दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण आयोजित

29 जुलाई 2026, शाजापुरशाजापुर: राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-तिलहन के तहत दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण आयोजित – कृषि विज्ञान केन्द्र शाजापुर द्वारा 27 एवं 28 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-तिलहन NMEO-OS अंतर्गत कृषि विभाग, शाजापुर के सहयोग से दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण का आयोजन ग्राम दुहानी में बायो इनपुट सेन्टर प्रभारी श्री  वीरेंद्र सिंह राजपूत की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम में केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ एस.एस  धाकड़ , डॉ. गायत्री वर्मा रावल, डॉ. मुकेश सिंह, प्रगतिशील कृषक श्री हरीसिंह देवड़ा, श्री ईश्वर सिंह राजपूत एवं 50 से अधिक प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की  प्रभारी डॉ.गायत्री वर्मा रावल, वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र शाजापुर द्वारा कृषकों को तिलहन योजनान्तर्गत कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम संबंधी रूपरेखा से अवगत कराते हुये कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा किये जा रहे किसानों के हित में कार्यो एवं विभिन्न गतिविधियों से अवगत कराया गया तथा कृषकों को तिलहनी फसलों के रकबे को बढ़ाने के लिए फसल विविधीकरण अंतर्गत सोयाबीन, तिल, मूंगफली, कुसुम, सुरजमुखी एवं सरसों इत्यादि फसलों के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई साथ ही उनके प्रसंस्करण एवं स्वरोजगार संबंधी मार्गदर्शन दिया गया।

इस दौरान केन्द्र प्रमुख डॉ एस.एस  धाकड़  द्वारा तिलहनी फसलो हेतु उन्नत किस्मों चयन के साथ संमन्वित पोषण प्रबंधन, भूमि एवं जल संरक्षण एवं यांत्रिक खरपतवार प्रबंधन एवं समुचित पौध संरक्षण के उपाय करें जिससे बोई गयी फसलों की उत्पादकता बढ़ सके। इस दौरान उन्होने उन्नत कृषि यंत्रो की उपयोगिता विशेषकर फसल अवशेष प्रबंधन के बारे मे जानकारी दी। इसके साथ ही कृषकों को विभिन्न कृषि यंत्रों के उपयोग अंतर्गत मिट्टी पलट हल,रोटावेटर,भूमि समतलीकरण हेतु लेजर लेवल कर वर्षा जल संचयीकरण एवं समुचित उपयोग संबंधी विस्तृत जानकारी दी गई।

डॉ. मुकेश सिंह ने बताया कृषक फसल की आवश्यकतानुसार पोषक तत्वों का प्रयोग मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार करें एवं खरीफ फसलो मे सन्वित कीट प्रबंधन की जानकारी दी। साथ ही तिलहनी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने तथा मधुमक्खी पालन के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही उन्होंने प्राकृतिक एवं जैविक खेती की विस्तार से जानकारी दी। किसानों की समसामयिक समस्याओं का मौके पर समाधान किया गया। कार्यक्रम के पश्चात प्रगतिशील एवं प्राकृतिक खेती कर रहे कृषक श्री  वीरेंद्र  सिंह राजपूत, बायो रिसोर्स सेंटर एवं प्राकृतिक यूनिट का भ्रमण एवं निरीक्षण किया गया। साथ ही कृषक के प्रक्षेत्र में सोयाबीन तथा अन्य खरीफ फसलों का मौके पर निरीक्षण किया गया।

 कार्यक्रम के अंत में ग्राम के पंच श्री हरी सिंह देवडा एवं श्री ईश्वर सिंह राजपूत द्वारा आयोजित कार्यक्रम की सराहना करते हुए  ग्रामीण जन एवं कृषकों को कार्यक्रम के अंतर्गत वैज्ञानिकों द्वारा दी गई तकनीकी सलाह को व्यवहारिक रूप से अपनाये जाने हेतु प्रेरित किया गया। आभार केन्द्र के प्रमुख डॉ.एस.एस.धाकड़ ने व्यक्त किया।

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