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पशुपालन (Animal Husbandry)राज्य कृषि समाचार (State News)

मऊगंज: दो गायों से शुरू हुआ सफर, आज डेयरी व्यवसाय बनी मंजू दीदी की पहचान  

19 सितंबर 2026, मऊगंज: मऊगंज: दो गायों से शुरू हुआ सफर, आज डेयरी व्यवसाय बनी मंजू दीदी की पहचान – मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले की मंजू मिश्रा की कहानी ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की मिसाल है। वर्ष 2015 से पहले परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की कोशिश में उन्होंने शारदा स्व-सहायता समूह की सदस्यता ली और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने बैंक से कैश क्रेडिट लिमिट (CCL) के तहत 1 लाख रुपये का ऋण लिया और इससे साहीवाल और HF नस्ल की दो गायें खरीदीं।

दूध बिक्री से बढ़ा आत्मविश्वास

दोनों गायों से बेहतर दूध उत्पादन होने लगा और दूध बिक्री से उन्हें पहली व्यावसायिक सफलता मिली। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने छोटी शुरुआत को धीरे-धीरे डेयरी व्यवसाय में बदल दिया। व्यवसाय में प्रगति को देखते हुए उन्होंने दोबारा समूह के माध्यम से 2.5 से 3 लाख रुपये का CCL ऋण लिया और कुछ और गायें खरीदीं।

हर महीने 20-25 हजार रुपये की आमदनी में बढ़ोतरी

आज मंजू मिश्रा का डेयरी व्यवसाय पूरी तरह स्थापित हो चुका है। आजीविका मिशन के सहयोग से उनकी मासिक आमदनी में 20-25 हजार रुपये तक की सीधी बढ़ोतरी हुई है। इससे उनका परिवार आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हुआ है और मंजू गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी हैं। मंजू मिश्रा कहती हैं, “आजीविका मिशन ने मेरे जीवन को एक नई दिशा दी है। आज मैं न केवल आर्थिक रूप से मजबूत हूं, बल्कि आत्मनिर्भर बनकर बेहद खुश हूं।”

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स्व-सहायता समूह से महिलाओं को मिला सहारा

स्व-सहायता समूह के माध्यम से मिली सहायता के लिए मंजू मिश्रा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और आजीविका मिशन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समूह से जुड़कर महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है और वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

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