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पशुपालन (Animal Husbandry)राज्य कृषि समाचार (State News)

पशुपालकों को मिलेगा पशुधन बीमा का सुरक्षा कवच, सरकार देगी 85 प्रतिशत प्रीमियम

उत्तर प्रदेश में 2026-27 से नई योजना लागू करने की तैयारी,

गाय-भैंस से लेकर बकरी, भेड़ और सुकर तक होंगे बीमा के दायरे में

13 सितंबर 2026, भोपाल: पशुपालकों को मिलेगा पशुधन बीमा का सुरक्षा कवच, सरकार देगी 85 प्रतिशत प्रीमियम – उत्तर प्रदेश सरकार पशुपालकों को पशुओं की मृत्यु अथवा अन्य निर्धारित जोखिमों से होने वाले आर्थिक नुकसान से राहत देने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में ‘मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना’ लागू करने की तैयारी कर रही है। योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि बीमा प्रीमियम का 85 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी, जबकि लाभार्थी पशुपालक को केवल 15 प्रतिशत राशि देनी होगी। सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक पशुओं को बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराकर पशुपालकों को आकस्मिक आर्थिक संकट से बचाना है।

पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह की अध्यक्षता में पशुधन विभाग तथा बीमा कंपनियों के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में योजना के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। इसमें बीमा प्रीमियम, पशुओं का मूल्यांकन, बीमा कवरेज और दावा भुगतान की प्रक्रिया प्रमुख रूप से शामिल रही। मंत्री ने बीमा कंपनियों को प्रीमियम की दर यथासंभव कम रखने के निर्देश दिए, ताकि पशुपालकों पर आर्थिक बोझ न्यूनतम रहे।

तीन वर्ष तक बीमा कराने का विकल्प

प्रस्तावित योजना में पशुपालकों को एक वर्ष, दो वर्ष और तीन वर्ष की अवधि के लिए बीमा कराने का विकल्प देने की तैयारी है। अलग-अलग पशुओं के लिए अधिकतम बीमा मूल्य भी निर्धारित किया गया है। वर्गीकृत नस्ल की भैंस का अधिकतम मूल्य 75 हजार रुपए, देशी एवं संकर गाय का 65 हजार रुपए तथा बकरी, भेड़ और सुकर जैसे छोटे पशुओं का अधिकतम मूल्य 6500 रुपए तक रखा गया है।

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एक परिवार के लिए अधिकतम 25 बड़े पशु इकाई तक बीमा कवरेज का प्रावधान प्रस्तावित है। इसमें एक बड़े पशु, जैसे गाय, भैंस अथवा भारवाहक पशु को एक इकाई माना गया है, जबकि 10 छोटे पशुओं को एक बड़े पशु इकाई के बराबर माना जाएगा।

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दुग्ध मिशन की योजनाओं को प्राथमिकता

सरकार ने डेयरी क्षेत्र से जुड़ी अपनी प्राथमिकता वाली योजनाओं के लाभार्थियों को पशुधन बीमा में विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना के लाभार्थियों के दो स्वदेशी गायों, मिनी नंदनी कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों के 10 स्वदेशी गायों तथा नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों के 25 स्वदेशी गायों का बीमा किए जाने को प्राथमिकता दी जाएगी।

दावा प्रक्रिया सरल बनाने पर जोर

सरकार ने बीमा कराने के साथ-साथ दावा भुगतान की प्रक्रिया को भी सरल और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया है। पशुधन मंत्री ने निर्देश दिए कि अनावश्यक तकनीकी औपचारिकताओं के कारण वास्तविक और पात्र दावों को खारिज नहीं किया जाना चाहिए। पात्र दावों का भुगतान समयबद्ध और निष्पक्ष तरीके से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

योजना की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए आकाशवाणी, दूरदर्शन और अन्य माध्यमों से प्रचार किया जाएगा। मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों की एंबुलेंस पर भी योजना से संबंधित जानकारी प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं।

योजना लागू होने के बाद इसकी प्रगति की हर महीने शासन स्तर पर समीक्षा की जाएगी। सरकार का उद्देश्य केवल पशुओं का बीमा कराना नहीं, बल्कि पशुधन की मृत्यु अथवा अन्य संकट की स्थिति में पशुपालकों को समय पर वास्तविक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। इससे पशुपालन को अधिक सुरक्षित और किसानों की आय का स्थिर आधार बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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