राज्य कृषि समाचार (State News)

धान खरीद को लेकर हरियाणा में टकराव के आसार, 15 सितंबर से खरीदी की मांग

किसान संगठनों ने आंदोलन की चेतावनी दी, सरकारी खरीद की तय तारीख 1 अक्टूबर; नमी की सीमा 20 प्रतिशत करने की भी मांग

13 सितंबर 2026, चंडीगढ़: धान खरीद को लेकर हरियाणा में टकराव के आसार, 15 सितंबर से खरीदी की मांग – हरियाणा में धान की सरकारी खरीद शुरू करने को लेकर किसान संगठनों और सरकार के बीच टकराव के हालात बनते दिखाई दे रहे हैं। किसान संगठनों ने मांग की है कि मंडियों में धान की सरकारी खरीद 15 सितंबर से शुरू की जाए। वर्तमान में केंद्र की ओर से खरीद की आधिकारिक तारीख 1 अक्टूबर निर्धारित है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 सितंबर से खरीद शुरू नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।

भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने इस मुद्दे पर कुरुक्षेत्र के शाहबाद में किसान पंचायत बुलाई है। संगठन का कहना है कि धान की शुरुआती किस्में सितंबर में ही मंडियों में पहुंचने लगती हैं। ऐसे में किसानों को सरकारी खरीद शुरू होने तक इंतजार करना पड़ता है और उन्हें निजी व्यापारियों को कम कीमत पर उपज बेचने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

खरीद व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, राज्य सरकार इस मामले को केंद्र के समक्ष उठा सकती है। हालांकि, अभी 15 सितंबर से खरीद शुरू होने की संभावना कम मानी जा रही है। खरीद को निर्धारित तिथि से करीब एक सप्ताह पहले शुरू किए जाने की संभावना पर विचार हो सकता है। हरियाणा राज्य सहकारी आपूर्ति एवं विपणन संघ प्रदेश में कुल धान खरीद का करीब 33 प्रतिशत हिस्सा खरीदता है।

नमी की सीमा बढ़ाने की मांग

किसानों की दूसरी प्रमुख मांग धान में नमी की स्वीकार्य सीमा बढ़ाने की है। केंद्रीय पूल के लिए धान में नमी की सीमा 17 प्रतिशत निर्धारित है। किसानों का कहना है कि शुरुआती खरीद के दौरान इसे अस्थायी रूप से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि सितंबर में कटाई के समय धान में नमी अधिक रहती है। यदि अधिक नमी वाली उपज सरकारी एजेंसियों ने स्वीकार नहीं की तो किसानों को निजी कारोबारियों को कम दाम पर धान बेचने की मजबूरी हो सकती है।

किसानों का कहना है कि प्रदेश में धान की रोपाई सामान्यतः 15 जून से शुरू होती है और कई किस्में करीब तीन माह में तैयार हो जाती हैं। इसलिए 15 सितंबर से सरकारी खरीद शुरू करना व्यावहारिक होगा।

इस बीच राज्य सरकार ने केंद्रीय पूल में हरियाणा के धान के हिस्से को बढ़ाने की मांग भी की है। वर्तमान में 58 लाख टन के मंजूर कोटे को बढ़ाकर कम से कम 65 लाख टन करने का आग्रह केंद्र से किया गया है। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर ने इस संबंध में केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी से चर्चा भी की है।

पिछले वर्ष भी किसानों की मांग के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के हस्तक्षेप से हरियाणा में धान की खरीद 1 अक्टूबर के बजाय 22 सितंबर से शुरू की गई थी। इस बार 15 सितंबर से खरीद की मांग को लेकर सरकार के सामने फिर चुनौती खड़ी हो गई है।

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