उमरिया: किसानों को जबरन नहीं थमा सकेंगे दूसरी खाद, टैगिंग करने पर होगी कानूनी कार्रवाई
13 सितंबर 2026, उमरिया: उमरिया: किसानों को जबरन नहीं थमा सकेंगे दूसरी खाद, टैगिंग करने पर होगी कानूनी कार्रवाई – मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में किसानों को उनकी जरूरत और मांग के अनुसार ही उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। उप संचालक कृषि संग्राम सिंह मरावी ने जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं, कृषि साख सहकारी समितियों, मार्कफेड, शासकीय और निजी विक्रेताओं से किसानों को उनकी मांग के अनुसार ही खाद बेचने को कहा है।
जिला प्रशासन के संज्ञान में आया है कि कुछ विक्रेताओं द्वारा किसानों को यूरिया या डीएपी जैसे मुख्य उर्वरकों के साथ अन्य सूक्ष्म पोषक तत्व या दूसरे उर्वरक जबरन खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है। इसे लेकर कृषि विभाग ने विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए हैं।
यूरिया-DAP के साथ दूसरी खाद लेने का दबाव नहीं
उप संचालक कृषि ने कहा कि किसान अपनी फसल और आवश्यकता के अनुसार जिस खाद की मांग करता है, उसे वही उर्वरक दिया जाए। किसी भी किसान को यूरिया, डीएपी या अन्य मुख्य खाद के साथ जबरन जिंक, सल्फर या जैव उर्वरक खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जाए। उन्होंने सभी निजी और शासकीय खाद विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि किसानों पर किसी भी अन्य उर्वरक या सामग्री की जबरन टैगिंग न की जाए।
जबरन बिक्री पर होगी कानूनी कार्रवाई
यदि कोई निजी या शासकीय खाद विक्रेता किसानों को जबरन अन्य उर्वरक या सामग्री खरीदने के लिए बाध्य करता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कृषि विभाग ने किसानों से भी अपील की है कि यदि कोई खाद विक्रेता उन्हें जबरन अन्य सामग्री खरीदने के लिए दबाव बनाता है, तो इसकी शिकायत तुरंत अपने नजदीकी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, विकासखंड कार्यालय या जिला कृषि कार्यालय में लिखित रूप से दर्ज कराएं। किसान अपनी शिकायत किसान कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर 155253 पर कॉल करके भी दर्ज करा सकते हैं।
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