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राज्य कृषि समाचार (State News)

बिहार में फसल नुकसान पर अब बिना प्रीमियम के मिलेगी आर्थिक मदद, राज्य फसल सहायता योजना के आवेदन शुरू

13 सितंबर 2026, पटना: बिहार में फसल नुकसान पर अब बिना प्रीमियम के मिलेगी आर्थिक मदद, राज्य फसल सहायता योजना के आवेदन शुरू – बिहार के किसानों के लिए खरीफ फसल में नुकसान की भरपाई अब बिना किसी प्रीमियम के हो सकेगी। राज्य सरकार ने बिहार राज्य फसल सहायता योजना, खरीफ 2026 के तहत आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि सरकार का मकसद फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को सीधे आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।

इस योजना के तहत अगर किसी किसान की फसल में 20 प्रतिशत तक नुकसान होता है, तो उसे प्रति हेक्टेयर ₹7,500 की सहायता राशि मिलेगी। वहीं 20 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान होने पर यह राशि बढ़कर ₹10,000 प्रति हेक्टेयर हो जाती है। खास बात यह है कि इस योजना में किसानों को कोई प्रीमियम नहीं देना पड़ता, जो इसे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) से अलग बनाता है, जिसमें किसानों को तय दर पर प्रीमियम भरना पड़ता है।

राज्य में हर साल बाढ़, सूखे जैसी परिस्थितियों की वजह से धान, मक्का और दलहन जैसी खरीफ फसलों को नुकसान होता रहा है। ऐसे में यह योजना उन किसानों के लिए खास तौर पर राहत की बात है, जो किसी वजह से फसल बीमा नहीं करा पाए या जिनके इलाके में बीमा कंपनी की पहुंच सीमित है।

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कैसे और कब तक करें आवेदन

आवेदन के लिए किसानों को ई-सहकारी पोर्टल (pacsonline.bih.nic.in) पर जाकर “बिहार राज्य फसल सहायता योजना हेतु आवेदन” विकल्प चुनना होगा। इसमें कृषि विभाग की किसान पंजीकरण संख्या दर्ज करनी होगी और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी से सत्यापन करना होगा। इसके बाद फसल से जुड़ी जानकारी भरकर जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे।

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आवेदन की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 रखी गई है, ताकि खरीफ फसल कट जाने के बाद वास्तविक नुकसान का सही आकलन कर आवेदन किया जा सके। किसानों को सलाह दी गई है कि आवेदन से पहले अपना किसान पंजीकरण नंबर और बैंक खाता विवरण अच्छी तरह जांच लें, ताकि सत्यापन में देरी न हो और राशि सीधे खाते में समय पर पहुंच सके।

चूंकि आवेदन ऑनलाइन ई-सहकारी पोर्टल से ही होता है, इसलिए जिन किसानों को खुद पोर्टल इस्तेमाल करने में दिक्कत होती है, वे नजदीकी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति (पैक्स) या सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी) की मदद ले सकते हैं। कृषि विभाग ने पंचायत स्तर पर भी किसानों को इस योजना की जानकारी देने और आवेदन में मदद करने के निर्देश दिए हैं, ताकि दूर-दराज के गांवों के किसान भी इस सुविधा से वंचित न रह जाएं।

फसल नुकसान का आकलन आमतौर पर राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम खेत का दौरा कर करती है, जिसमें बुवाई रकबे, फसल की अवस्था और नुकसान के कारण को दर्ज किया जाता है। किसानों को सलाह दी गई है कि नुकसान होने पर वे तुरंत स्थानीय कृषि कार्यालय या पैक्स को सूचित करें, ताकि समय रहते आकलन हो सके और आवेदन प्रक्रिया में देरी न हो।

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