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राज्य कृषि समाचार (State News)

लखीमपुर खीरी में गन्ने पर शीर्ष बेधक कीट का हमला, विशेषज्ञों ने बताई दवा और मात्रा

13 सितंबर 2026, लखीमपुर: लखीमपुर खीरी में गन्ने पर शीर्ष बेधक कीट का हमला, विशेषज्ञों ने बताई दवा और मात्रा – गन्ना उत्पादक जिले लखीमपुर खीरी में इन दिनों गन्ने की फसल पर शीर्ष बेधक (टॉप बोरर) कीट का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। इस जिले में बड़ी संख्या में किसान गन्ने की खेती करते हैं, इसलिए समय पर नियंत्रण न होने पर पैदावार पर सीधा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद कुमार के मुताबिक, यह कीट गन्ने के ऊपरी हिस्से में घुसकर पौधे की बढ़वार रोक देता है, जिससे गन्ने का वजन और चीनी की मात्रा दोनों घट जाती हैं।

शीर्ष बेधक की सुंडी सबसे पहले पत्तियों की मध्य शिरा को खाना शुरू करती है और बाद में तने के ऊपरी हिस्से में छेद कर अंदर घुस जाती है। शुरुआती दौर में पत्तियों पर छोटे-छोटे छेद और सूखी हुई शीर्ष कोंपल दिखना इसके प्रकोप की पहचान है। कई बार पौधे का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह सूखकर “डेड हार्ट” बन जाता है, जिससे उस गन्ने में आगे बढ़वार रुक जाती है। किसानों को खेत का नियमित निरीक्षण कर शुरुआती लक्षण दिखते ही कार्रवाई करने की सलाह दी गई है।

सितंबर का महीना गन्ने के लिए तेजी से बढ़वार वाला समय माना जाता है, और यही वह अवस्था है जब शीर्ष बेधक का हमला सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है। इसलिए विशेषज्ञ लगातार खेत की निगरानी और समय पर छिड़काव पर जोर दे रहे हैं।

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कौन सी दवा, कितनी मात्रा में करें छिड़काव

डॉ. प्रमोद कुमार के अनुसार शीर्ष बेधक के नियंत्रण के लिए क्लोरेंट्रानिलिप्रोल 18.5 एससी का इस्तेमाल कारगर है। इसे करीब 150 मिलीलीटर प्रति एकड़ की दर से 200 से 250 लीटर पानी में घोलकर पूरे खेत में छिड़काव करना चाहिए। इसके अलावा फ्लूबेंडियामाइड 39.35 एससी और फिप्रोनिल 0.3 जीआर को भी विशेषज्ञों ने प्रभावी विकल्प के तौर पर सुझाया है, हालांकि इनकी सटीक मात्रा फसल की अवस्था और प्रकोप की तीव्रता के अनुसार लेबल पर दी गई सिफारिश और स्थानीय कृषि विशेषज्ञ की सलाह से ही तय करनी चाहिए।

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छिड़काव हमेशा शांत मौसम में और दिन के ठंडे समय, यानी सुबह या शाम को करने की सलाह दी जाती है, ताकि दवा का असर पूरा मिले और हवा के साथ बह न जाए। छिड़काव करते समय दस्ताने और मास्क जैसे सुरक्षा उपकरण पहनना भी जरूरी बताया गया है। जिन खेतों में कीट का प्रकोप अभी शुरुआती स्तर पर है, वहां प्रभावित शीर्ष भाग को हाथ से तोड़कर नष्ट करना भी छिड़काव के साथ कारगर उपाय माना जाता है।

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