हिमाचल में कृषि यंत्रों पर 50% तक सब्सिडी, 22 सितंबर से फिर खुलेगा DBT पोर्टल
22 सितंबर 2026, शिमला: हिमाचल में कृषि यंत्रों पर 50% तक सब्सिडी, 22 सितंबर से फिर खुलेगा DBT पोर्टल – सेब और नकदी फसलों की कटाई का सीजन शुरू होने से पहले हिमाचल प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य कृषि विभाग का एग्री-मशीनरी डीबीटी पोर्टल agrimachinery.nic.in 22 सितंबर 2026 को फिर से सक्रिय हो जाएगा, जहां किसान आधुनिक कृषि उपकरणों पर सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकेंगे।
कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक फोडर कटर, मेज़ शेलर, गेहूं थ्रेशर, स्प्रेयर और एस.एस./एम.बी. प्लो जैसे उपकरणों पर 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। छोटे व सीमांत किसानों, अनुसूचित जाति-जनजाति और महिला किसानों जैसी प्राथमिकता श्रेणियों को इसमें ज्यादा लाभ मिलने की संभावना है।
कैसे और कब तक करें आवेदन
पोर्टल 22 सितंबर से खुलने के बाद किसानों के पास आवेदन करने के लिए सिर्फ आठ दिन का समय होगा। आवेदन की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 तय की गई है।
चूंकि हर साल इस योजना में आवेदनों की संख्या तय सब्सिडी कोटे से कहीं ज्यादा हो जाती है, इसलिए चयन प्रक्रिया लॉटरी के जरिए होगी। लॉटरी ड्रॉ 1 अक्टूबर 2026 को निकाला जाएगा।
कृषि विभाग ने कहा है कि किसानों को अनुदान पर कृषि उपकरण उपलब्ध कराने के लिए विभाग का डीबीटी पोर्टल इसी तारीख से दोबारा सक्रिय हो जाएगा, ताकि पारदर्शी तरीके से लाभार्थियों का चयन हो सके। पोर्टल पर पंजीकरण के लिए किसानों को अपना आधार और बैंक खाता विवरण अपडेट रखना जरूरी होगा, क्योंकि सब्सिडी की राशि सीधे बैंक खाते में डीबीटी के जरिए भेजी जाती है।
चूंकि हर बार पोर्टल खुलने पर आवेदनों की भरमार हो जाती है और सर्वर पर दबाव बढ़ जाता है, इसलिए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे पोर्टल खुलने से पहले ही अपना आधार, बैंक पासबुक, भूमि दस्तावेज और जरूरी फोटो जैसे कागजात तैयार रखें, ताकि आवेदन जल्दी और बिना किसी गलती के पूरा हो सके। विभाग की वेबसाइट पर उपकरणवार सब्सिडी दरों की पूरी सूची भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे किसान अपनी जरूरत के हिसाब से यंत्र चुनकर आवेदन कर सकें।
किसानों के लिए क्यों मायने रखती है यह योजना
पहाड़ी राज्य होने के कारण हिमाचल में छोटी जोत और ढलान वाले खेतों के लिए उपयुक्त हल्के कृषि यंत्रों की मांग हमेशा ज्यादा रहती है, लेकिन इनकी कीमत आम किसान के लिए बड़ा बोझ होती है। 40-50 प्रतिशत की सब्सिडी इस बोझ को काफी हद तक कम कर सकती है।
आवेदन की खिड़की सिर्फ आठ दिन की होने से किसानों को समय रहते अपने दस्तावेज तैयार रखने होंगे, ताकि पोर्टल खुलते ही तुरंत आवेदन किया जा सके। कृषि-यंत्र विक्रेताओं और डीलरों के लिए भी यह सीजन बिक्री बढ़ाने का अवसर लेकर आता है, क्योंकि सब्सिडी मंजूर होने के बाद किसान जल्द ही यंत्र खरीदारी की ओर बढ़ते हैं।
लॉटरी आधारित चयन प्रक्रिया होने के कारण हर आवेदक को यंत्र मिलने की गारंटी नहीं होती, इसलिए विभाग किसानों को सलाह देता है कि वे एक साथ कई उपकरणों के लिए आवेदन करने के बजाय अपनी सबसे जरूरी जरूरत को प्राथमिकता दें। इससे चयन की संभावना बेहतर बनती है और सब्सिडी का सही इस्तेमाल भी सुनिश्चित होता है।
यह जानकारी हिमाचल प्रदेश कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और क्षेत्रीय मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है, जिनमें तारीखें और सब्सिडी दरें आपस में मेल खाती हैं। किसानों को सलाह दी जाती है कि आवेदन से पहले एक बार विभाग की वेबसाइट पर अपनी श्रेणी और चुने गए यंत्र की सब्सिडी दर जरूर जांच लें, क्योंकि अलग-अलग उपकरणों और किसान श्रेणियों के लिए अनुदान प्रतिशत में अंतर हो सकता है।
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