राज्य कृषि समाचार (State News)

रागी (Finger Millet) एक महत्वपूर्ण पोषक अनाज

लेखक: हनुमान राम कड़वासरा, मृदा एवं जल संरक्षण अभियांत्रिकी विभाग,, जूनागढ़ कृषि विश्वविद्यालय, जूनागढ़ (गुजरात), प्रशांत शुक्ला, कृषि अभियांत्रिकी संभाग, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली, शुभम यादव, प्रसंस्करण एवं खाद्य अभियांत्रिकी विभाग, जूनागढ़ कृषि विश्वविद्यालय, जूनागढ़ (गुजरात), रविन्द्र कुमार तिवारी, कटाई उपरांत प्रौद्योगिकी विभाग, उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय, रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झाँसी

24 जुलाई 2026, भोपाल: रागी (Finger Millet) एक महत्वपूर्ण पोषक अनाज – रागी (फिंगर मिलेट) एक महत्वपूर्ण अनाज है जिसे मुख्य रूप से भारतीय उपमहाद्वीप, अफ्रीका और अन्य एशियाई देशों में उगाया जाता है। यह उष्णकटिबंधीय और शुष्क जलवायु में बहुत अच्छे से उगता है, जिससे यह जलवायु परिवर्तन सहनशील फसल बनती है। रागी का पौधा बहुत ही कम पानी और अन्य कृषि रसायनों का उपयोग करते हुए अच्छे उत्पादन का समर्थन करता है जिससे यह एक पर्यावरण के अनुकूल और सतत कृषि के लिए उपयुक्त फसल है। रागी का वैज्ञानिक नाम Eleusine coracana है और इसे विभिन्न नामों से जाना जाता है, जैसे “फिंगर मिलेट” (अंग्रेजी में) “नाचनी” (मराठी में) “मंडुआ” (हिंदी में) आदि।  भारत में इसे विशेष रूप से एक पोषणयुक्त आहार स्रोत के रूप में व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है। यह उच्च पोषण स्वास्थ्य लाभ और पर्यावरणीय स्थिरता के कारण एक महत्वपूर्ण फसल बन चुकी है।

रागी के भौतिक  रासायनिक और पोषणात्मक गुण

भौतिक गुण:

  • आकार: रागी के दाने छोटे और गोल होते हैं।
  • रंग :  यह भूरे लाल या हल्के सफेद रंग में पाया जा सकता है।
  • दाने का आकार :  दाने लगभग 2 से 3 मिलीमीटर व्यास के होते हैं।
  • घनत्व :  रागी का घनत्व अपेक्षाकृत उच्च होता है, जो इसे अन्य अनाजों से अलग करता है।

रासायनिक गुण:

  • स्टार्च: रागी में 60-70% स्टार्च होता है जो इसे ऊर्जा का अच्छा स्रोत बनाता है।
  • फाइटोकेमिकल्स: इसमें एंटीऑक्सिडेंट्स जैसे फ्लावोनॉयड्स और फेनोलिक यौगिक होते हैं, जो शरीर में सूजन और मुक्त कणों से लड़ते हैं।
  • वसा: रागी में बहुत कम वसा (1.5-2 %) होती है जो इसे एक स्वस्थ विकल्प बनाता है।

पोषणात्मक गुण:  

रागी में कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं जो इसे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी बनाते हैं:

  • प्रोटीन: रागी में 7-10 % प्रोटीन होता है जो मांसपेशियों के निर्माण और ऊतकों की मरम्मत के लिए आवश्यक है।
  • फाइबर: इसमें उच्च फाइबर (3-5%) होता है जो पाचन क्रिया को सुधारने और वजन घटाने में मदद करता है।
  • विटामिन: इसमें विटामिन B1 (थायमिन), विटामिन B3 (नियासिन), और विटामिन C की उचित मात्रा होती है जो शरीर के समग्र कार्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।
  • खनिज: रागी कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम और फास्फोरस का अच्छा स्रोत है। विशेष रूप से कैल्शियम में यह एक प्रमुख स्रोत है जो हड्डियों की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण है।

रागी का न्यूट्रिएंट मान (प्रति 100 ग्राम)

न्यूट्रिएंटमूल्य (100 ग्राम)
ऊर्जा (किलो कैलोरी)336
प्रोटीन (ग्राम)7-3
वसा (ग्राम)1-5
कार्बोहाइड्रेट (ग्राम72-6
फाइबर (ग्राम)3-6
कैल्शियम (मिलीग्राम)344
आयरन (मिलीग्राम)3-9
मैग्नीशियम (मिलीग्राम)137
फास्फोरस (मिलीग्राम)283

रागी से बने खाद्य उत्पादों का विकास

रागी का उपयोग कई प्रकार के स्वादिष्ट और पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य उत्पादों में किया जाता है। इसके प्रमुख उत्पादों में शामिल हैं:

  1. रागी की रोटी :रागी का आटा पानी और नमक के साथ गूंधकर रोटियां बनाई जाती हैं। यह ग्लूटन मुक्त होने के कारण उन लोगों के लिए आदर्श है जिन्हें ग्लूटन से एलर्जी होती है।
  2. रागी दलिया : रागी को पानी या दूध में पकाकर दलिया तैयार किया जाता है जो एक हल्का और पौष्टिक नाश्ता है।
  3. रागी का आटा (Ragi Flour): रागी के आटे को बाजार में बेचा जा सकता है जो लोग घर में रोटियां, पराठे या अन्य व्यंजन बनाने के लिए इस्तेमाल करते हैं।
  4. रागी के लड्डू (Ragi Laddus): रागी से बने लड्डू जो विशेष रूप से त्योहारों या विशेष अवसरों पर बेचे जा सकते हैं। इन्हें गुड़ और घी के साथ तैयार किया जाता है जो सेहत के लिए लाभकारी होते हैं।
  5. रागी पकोड़ी (Ragi Pakora)

रागी आटे से बनी पकोड़ी जो स्नैक के रूप में बेची जा सकती है। यह एक हेल्दी और स्वादिष्ट विकल्प होता है।

  1. रागी चिप्स (Ragi Chips)

रागी से बने चिप्स जो एक हेल्दी स्नैक के रूप में बाजार में बेचे जा सकते हैं। यह परंपरागत आलू चिप्स का एक बेहतर विकल्प हो सकता है।

  1.  रागी पाउडर (Ragi Powder)

रागी पाउडर का उपयोग बच्चों के लिए विशेष रूप से बढ़िया होता है। इसे दूध में मिलाकर बच्चों को नाश्ते के रूप में दिया जा सकता है।

  1. रागी उपमा (Ragi Upma)

यह एक स्वादिष्ट और पोषक व्यंजन है जिसे तैयार कर पैक करके बाजार में बेचा जा सकता है। रागी उपमा एक अच्छे हेल्दी ब्रेकफास्ट विकल्प के रूप में लोकप्रिय हो सकता है।

  1.  रागी नूडल्स (Ragi Noodles)

रागी के आटे से तैयार नूडल्स जो पारंपरिक नूडल्स के स्वस्थ विकल्प के रूप में बेचे जा सकते हैं। यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है उन लोगों के लिए जो सेहतमंद भोजन पसंद करते हैं।

  1. रागी बिस्किट्स (Ragi Biscuits)

रागी के आटे से बने बिस्किट्स जो बिना चीनी के या कम चीनी में तैयार किए जाते हैं,इन्हें हेल्दी स्नैक के रूप में बेचा जा सकता है।

  1. रागी का हलवा (Ragi Halwa)

यह एक पारंपरिक मिठाई है जिसे विभिन्न त्योहारों और खास अवसरों पर बेचा जा सकता है। रागी हलवा को घी और गुड़ के साथ तैयार किया जा सकता है।

रागी का व्यावसायिक महत्व

रागी न केवल एक पोषणपूर्ण खाद्य पदार्थ है, बल्कि इसका व्यावसायिक महत्व भी बढ़ रहा है। इसके विभिन्न उत्पादों का बाज़ार में बढ़ती हुई मांग दर्शाती है कि यह एक लाभकारी फसल है। रागी के व्यावसायिक महत्व के कुछ प्रमुख पहलू इस प्रकार हैं:

  1. स्वास्थ्य वर्धक उत्पाद :  रागी में कैल्शियम आयरन और फाइबर की उच्च सामग्री होने के कारण यह हड्डियों और पाचन के लिए फायदेमंद है, और इसे विभिन्न स्वास्थ्य उत्पादों में इस्तेमाल किया जा सकता है।
  2. वजन घटाने में सहायक :रागी में कम कैलोरी और उच्च फाइबर होती है, जो वजन घटाने में सहायक है। इसके कारण यह विशेष रूप से आहार योजनाओं में शामिल किया जाता है।
  3. ग्लूटन-मुक्त विकल्प : ग्लूटन से एलर्जी वाले लोगों के लिए रागी एक बेहतरीन विकल्प है। इसके कारण रागी के उत्पादों की मांग दुनिया भर में बढ़ रही है।
  4. निर्यात बाजार : रागी का निर्यात भी बढ़ रहा है खासकर उन देशों में जहाँ ग्लूटन मुक्त और हेल्थ क्यूब से संबंधित उत्पादों की मांग अधिक है।

निष्कर्ष

रागी (फिंगर मिलेट) एक अत्यधिक पोषक और स्वास्थ्यवर्धक अनाज है, जिसका उपयोग पारंपरिक और आधुनिक खाद्य उत्पादों में बढ़ रहा है। इसके विभिन्न खाद्य उत्पादों के निर्माण से न केवल खाद्य विविधता बढ़ रही है, बल्कि यह व्यावसायिक दृष्टिकोण से भी लाभकारी साबित हो रहा है। रागी के उत्पादों का पोषण मूल्य उच्च है, और इसके निर्यात की संभावनाएँ भी बढ़ रही हैं, जिससे यह एक महत्वपूर्ण फसल बन गई है। पर्यावरण के अनुकूल, पोषण से भरपूर और ग्लूटन-मुक्त होने के कारण रागी भविष्य में खाद्य उद्योग में एक महत्वपूर्ण स्थान बनाए रखने वाला है।

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