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राज्य कृषि समाचार (State News)

रायपुर कृषि विश्वविद्यालय में हो रहा है धान प्रजनन आधुनिकीकरण, नई किस्में अब 6 साल में

05 सितम्बर 2023, रायपुर: रायपुर कृषि विश्वविद्यालय में हो रहा है धान प्रजनन आधुनिकीकरण, नई किस्में अब 6 साल में – छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने आज यहां इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की विभिन्न कृषि अनुसंधान परियोजनाओं का जायजा लिया। उन्होंने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान के सहयोग से संचालित धान प्रजनन आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत एक्सीलरेटेड ब्रीडिंग फेसिलिटी का लोकार्पण किया। कंसल्टेटिव ग्रुप ऑफ इंटरनेशनल एग्रीकल्चरल रिसर्च (सी.जी.आई.ए.आर.) के तकनीकी मार्गदर्शन में संचालित इस कार्यक्रम के तहत धान की नई किस्मों के विकास में लगने वाली 12 वर्ष के समय  को घटाकर कर 6 वर्ष किया जा सकेगा। लोकार्पण में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति तथा सी.जी.आई.ए.आर. के प्रमुख डॉ. संजय कटियार, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संचालक अनुसंधान डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी, कुलसचिव श्री जी.के. निर्माम सहित परियोजना के जुड़े अनेक कृषि वैज्ञानिक उपस्थित थे। आपने  टिश्यू कल्चर प्रयोगशाला का अवलोकन किया तथा वहां विकसित किये जा रहे केला, गन्ना, आर्किड आदि के पौधों का अवलोकन किया। श्री साहू ने डॉ. आर.एच. रिछारिया प्रयोगशाला में संचालित अक्ती जैव विविधता संग्रहालय में संग्रहित धान की 23 हजार 250 किस्मों का अवलोकन किया। डॉ. चंदेल ने उन्हें बताया कि यह अन्तर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान मनीला के बाद विश्व का दूसरा सबसे बड़ा धान जननद्रव्य संग्रहालय है। श्री साहू ने वहां धान से प्रोटीन, शुगर सीरप तथा बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक निर्माण की प्रौद्योगिकी का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा कृषि वैज्ञानिक शामिल थे।

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