पशुपालन (Animal Husbandry)राज्य कृषि समाचार (State News)

बीमार पशुओं के इलाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: मंत्री कुमावत

मोबाइल वेटनरी यूनिट के केंद्रीय कॉल सेंटर का औचक निरीक्षण, पांच अनुपस्थित कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश

28 जुलाई 2026, जयपुर:  बीमार पशुओं के इलाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: मंत्री कुमावत – राजस्थान सरकार के पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने राज्य में बीमार पशुओं के त्वरित और प्रभावी उपचार को लेकर सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को उन्होंने जयपुर के जामडोली स्थित मोबाइल वेटनरी यूनिट के केंद्रीय कॉल सेंटर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पशुपालन विभाग के प्रमुख शासन सचिव विकास सीताराम भाले भी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान कॉल सेंटर में पांच कॉलिंग एक्जीक्यूटिव अनुपस्थित मिले। मंत्री ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सभी अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशुधन स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बीमार पशुओं के उपचार के लिए आने वाली प्रत्येक कॉल संवेदनशील होती है और उसका समय पर समाधान जरूरी है।

कॉलिंग एक्जीक्यूटिव के पद 44 से बढ़कर 60 होंगे

राज्यभर से आने वाली कॉल और पशुपालकों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए कॉल सेंटर की क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत कॉलिंग एक्जीक्यूटिव के स्वीकृत पदों की संख्या 44 से बढ़ाकर 60 की जाएगी।

मंत्री ने कहा कि पदों की संख्या बढ़ने से पशुपालकों का प्रतीक्षा समय कम होगा और अधिक लोगों को समय पर पशु चिकित्सा संबंधी सहायता मिल सकेगी।

दो अधिकारी नियमित रूप से करेंगे निगरानी

कॉल सेंटर की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए नया निगरानी तंत्र लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत पशुपालन विभाग के दो अधिकारियों की नियमित ड्यूटी कॉल सेंटर में लगाई जाएगी।

ये अधिकारी प्रतिदिन कर्मचारियों की उपस्थिति, कॉल सेंटर के संचालन और सेवाओं की गुणवत्ता की निगरानी करेंगे। मंत्री ने स्पष्ट किया कि पशुपालकों को समय पर उपचार और सहायता उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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