मध्यप्रदेश सरकार का बड़ा फैसला: अब किसानों से MSP पर 25 नहीं, 60% मूंग की होगी खरीदी, 10 अगस्त तक होगी स्लॉट बुकिंग
30 जुलाई 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश सरकार का बड़ा फैसला: अब किसानों से MSP पर 25 नहीं, 60% मूंग की होगी खरीदी, 10 अगस्त तक होगी स्लॉट बुकिंग – मध्यप्रदेश सरकार ने मूंग उत्पादक किसानों को बड़ी राहत देते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर किसानों के साथ चर्चा के लिए गठित मंत्री समूह और किसान प्रतिनिधियों की बैठक के बाद सरकार ने फैसला लिया है कि अब प्रत्येक पात्र किसान से उसकी मूंग उपज का केवल 25 प्रतिशत नहीं, बल्कि 60 प्रतिशत तक उपार्जन किया जाएगा। सरकार का कहना है कि यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू होगा, जिससे अधिक से अधिक किसानों को लाभ मिल सके।
सरकार के अनुसार नर्मदापुरम, सीहोर और हरदा जैसे प्रमुख मूंग उत्पादक जिलों में यह मात्रा औसतन लगभग 3 क्विंटल प्रति एकड़ के बराबर होगी। इस फैसले से उन किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो अधिक उत्पादन होने के बावजूद MSP पर सीमित खरीदी के कारण अपनी उपज खुले बाजार में कम दाम पर बेचने को मजबूर थे।
स्लॉट बुकिंग और खरीदी की अवधि बढ़ाई
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि भी बढ़ा दी है। पहले किसान 30 जुलाई तक स्लॉट बुक करा सकते थे, लेकिन अब यह अवधि बढ़ाकर 10 अगस्त कर दी गई है। वहीं, मूंग उपार्जन की अंतिम तिथि 10 अगस्त से बढ़ाकर 20 अगस्त कर दी गई है। इससे ऐसे किसानों को भी राहत मिलेगी जो समय पर पंजीकरण या स्लॉट बुकिंग नहीं करा पाए थे।
कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार हमेशा किसानों के हित में काम करती रही है। अन्नदाता प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुन रही है और जरूरत के अनुसार निर्णय भी ले रही है।
पहले क्या था नियम?
भारत सरकार ने वर्ष 2026 में ग्रीष्मकालीन मूंग के उपार्जन के लिए मध्यप्रदेश को 4.52 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया है। केंद्र सरकार की योजना के तहत राज्य के कुल उत्पादन का अधिकतम 25 प्रतिशत उपार्जन किए जाने का प्रावधान है। इसी व्यवस्था के तहत पहले किसानों से उनकी उपज का केवल 25 प्रतिशत MSP पर खरीदा जाना तय किया गया था। हालांकि किसानों की मांग और जमीनी परिस्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार ने अब पात्र किसानों से 60 प्रतिशत तक मूंग खरीदने का निर्णय लिया है।
ई-टोकन व्यवस्था फिलहाल स्थगित
खाद वितरण के लिए लागू की गई ई-टोकन व्यवस्था को लेकर किसानों से मिली शिकायतों और व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए सरकार ने इसे फिलहाल स्थगित करने का फैसला लिया है। सरकार का कहना है कि ई-टोकन व्यवस्था किसानों की सुविधा के लिए शुरू की गई थी और भविष्य में इससे पारदर्शिता एवं सुगमता बढ़ेगी, लेकिन शुरुआती स्तर पर सामने आई दिक्कतों को दूर करना जरूरी है।
सुधार के लिए बनेगी उच्चस्तरीय समिति
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह समिति ई-टोकन व्यवस्था से जुड़ी सभी समस्याओं की समीक्षा कर सरकार को अपनी अनुशंसाएं सौंपेगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक सुधार किए जाएंगे। तब तक सुझाव प्राप्त होने और सुधार लागू होने तक ई-टोकन के माध्यम से खाद वितरण की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से स्थगित रहेगी।
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