छत्तीसगढ़ में नकली खाद-कीटनाशक पर बड़ी कार्रवाई, 2 गोदाम सील; भारी मात्रा में सामग्री जब्त
23 जुलाई 2026, रायपुर: छत्तीसगढ़ में नकली खाद-कीटनाशक पर बड़ी कार्रवाई, 2 गोदाम सील; भारी मात्रा में सामग्री जब्त – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर किसानों को गुणवत्तायुक्त कृषि आदान समय पर उपलब्ध कराने और नकली व अमानक उर्वरक-कीटनाशकों के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कृषि विभाग ने दुर्ग जिले में बड़ी कार्रवाई की है। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के उड़नदस्ता दल ने ग्राम चिंगरी (अंडा) स्थित दो गोदामों पर छापा मारकर बिना वैध अनुज्ञप्ति के उर्वरक एवं कीटनाशकों के निर्माण, भंडारण और बिक्री का खुलासा किया। कार्रवाई के दौरान दोनों गोदामों को सील कर भारी मात्रा में उर्वरक, कीटनाशक, रॉ मटेरियल और मशीनरी जब्त की गई।
कृषि विभाग को सूचना मिली थी कि ग्राम चिंगरी स्थित चन्द्राकर किराना स्टोर्स परिसर में अवैध रूप से जैव उत्प्रेरक और कीटनाशकों का निर्माण एवं भंडारण किया जा रहा है। जांच के दौरान गोदाम बंद मिला। इसके बाद किरायेदार वरुण त्रिपाठी को मौके पर बुलाया गया, लेकिन उनके सहयोग नहीं करने पर मकान मालिक, पंचों और ग्रामीणों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार कर गोदाम का ताला खुलवाकर निरीक्षण किया गया।
बिना लाइसेंस चल रहा था निर्माण और भंडारण
निरीक्षण के दौरान गोदाम में बिना लाइसेंस जैव उत्प्रेरक और कीटनाशकों के निर्माण के लिए उपयोग होने वाला कच्चा माल, तैयार उत्पाद, पैकिंग मशीनें और बड़ी मात्रा में रॉ मटेरियल मिला। जांच में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा कीटनाशक अधिनियम, 1968 के कई प्रावधानों का गंभीर उल्लंघन सामने आया। अधिकारियों के अनुसार बिना वैध अनुज्ञप्ति के कारोबार, मानकों के विपरीत उर्वरक निर्माण, आवश्यक अभिलेखों का संधारण नहीं करना, निरीक्षण में सहयोग नहीं करना तथा बिना स्रोत के कीटनाशकों का भंडारण जैसे गंभीर मामले पाए गए।
उर्वरक, कीटनाशक और मशीनरी जब्त
कार्रवाई के दौरान जैव उत्प्रेरक, उर्वरक, कीटनाशक, रसायनों से भरे ड्रम, पैकिंग एवं सीलिंग मशीनें तथा अन्य उपकरण बड़ी मात्रा में जब्त किए गए। सभी सामग्री को उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 और कीटनाशक अधिनियम, 1968 के तहत जब्त कर दोनों गोदामों को सील कर दिया गया है।
दोषियों पर होगी एफआईआर
कृषि विभाग ने संबंधित संचालक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955, उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 और कीटनाशक अधिनियम, 1968 के तहत एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।
किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों पर सख्ती जारी
उप संचालक कृषि संदीप भाई ने कहा कि किसानों को खाद एवं कीटनाशकों की कृत्रिम कमी पैदा करने, कालाबाजारी करने तथा नकली या अमानक कृषि आदानों का निर्माण एवं विक्रय करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं और निर्माताओं के लाइसेंस निलंबित या निरस्त किए जाएंगे तथा उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी उर्वरक विक्रेताओं और सहकारी समितियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को निर्धारित दर पर ही उर्वरक उपलब्ध कराएं। अधिक कीमत वसूलने, कालाबाजारी या किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
खरीफ सीजन में जारी रहेगा अभियान
कृषि विभाग ने बताया कि खरीफ सीजन के दौरान पूरे प्रदेश में उर्वरकों और कीटनाशकों की उपलब्धता, गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसानों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं नकली, अमानक या निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक अथवा कीटनाशकों की बिक्री की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय को दें। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और अवैध कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
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