राज्य कृषि समाचार (State News)

किसानों के लिए खुशखबरी! खजूर का बगीचा लगाने पर मिलेगा 75% तक अनुदान, जानिए कैसे मिलेगा योजना का लाभ

21 जुलाई 2026, जयपुर: किसानों के लिए खुशखबरी! खजूर का बगीचा लगाने पर मिलेगा 75% तक अनुदान, जानिए कैसे मिलेगा योजना का लाभ – यदि आप खजूर की खेती शुरू करना चाहते हैं तो यह अच्छा अवसर हो सकता है। राजस्थान सरकार राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) के तहत ‘पश्चिमी राजस्थान में खजूर पौधारोपण क्षेत्रफल विस्तार’ योजना चला रही है। इसके तहत किसानों को खजूर का बगीचा लगाने पर 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। योजना का उद्देश्य पश्चिमी राजस्थान में खजूर की खेती का विस्तार करना और किसानों की आय बढ़ाना है।

उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत ने बताया कि योजना के सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं। बीकानेर जिले में वर्तमान में करीब 350 हेक्टेयर क्षेत्र में खजूर की खेती हो रही है। इस वर्ष किसानों को अच्छी पैदावार के साथ 50 से 80 रुपये प्रति किलो तक बाजार भाव मिला है। कई किसानों ने प्रति पौधा 80 से 100 किलो तक उत्पादन प्राप्त किया है। बीकानेर का खजूर अब दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों तक पहुंच रहा है, जिससे किसानों की आय में अच्छी बढ़ोतरी हुई है।

टिश्यू कल्चर और ऑफशूट पौधों पर मिलेगा अनुदान

उपनिदेशक उद्यान (अनुसंधान एटीसी) प्रेमाराम ने बताया कि किसान टिश्यू कल्चर या ऑफशूट तकनीक से तैयार पौधों के जरिए खजूर का बगीचा स्थापित कर सकते हैं।

  • टिश्यू कल्चर पौधों पर किसानों को प्रति पौधा 3,000 रुपये या इकाई लागत का 75 प्रतिशत (जो भी कम हो) अनुदान मिलेगा।
  • ऑफशूट पौधों पर मातृ पौधे से अलग किए गए पौधे के लिए 1,000 रुपये की लागत का 75 प्रतिशत तथा जड़ विकसित पौधे के लिए 1,500 रुपये की लागत का 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा।

एक हेक्टेयर में लगाने होंगे 156 पौधे

खजूर का बगीचा लगाने के लिए प्रति हेक्टेयर 148 मादा और 8 नर पौधों, यानी कुल 156 पौधों की आवश्यकता होती है। बरही, मेडजूल, खलास, खद्रावी, सगई, जामली, अजवा, नाबुत सुल्तान और हलावी जैसी मादा किस्मों तथा अल-इन-सिटी और घनामी जैसी नर किस्मों पर ही अनुदान मिलेगा।

कौन ले सकता है योजना का लाभ?

योजना के तहत एक किसान न्यूनतम 0.5 हेक्टेयर और अधिकतम 4 हेक्टेयर क्षेत्र में खजूर का बगीचा लगाने पर अनुदान का लाभ ले सकता है। इसके लिए किसान को उपनिदेशक उद्यान कार्यालय में आवेदन करना होगा।

आवेदन के लिए ये दस्तावेज होंगे जरूरी

योजना का लाभ लेने के लिए किसान को आवेदन के साथ निम्न दस्तावेज जमा करने होंगे—

  • छह माह से अधिक पुरानी न हो, ऐसी जमाबंदी
  • खेत का नक्शा (ट्रेस)
  • स्थायी सिंचाई स्रोत का प्रमाण
  • ड्रिप सिंचाई के लिए आवेदन का प्रमाण
  • मिट्टी एवं पानी की जांच रिपोर्ट
  • बैंक खाते का विवरण (खाता संख्या, IFSC, बैंक शाखा)
  • आधार कार्ड या जन आधार कार्ड

खजूर का बगीचा स्थापित करने के लिए ड्रिप सिंचाई प्रणाली लगाना अनिवार्य होगा। ड्रिप संयंत्र पर भी विभागीय नियमों के अनुसार अलग से अनुदान दिया जाएगा।

यहां से मिलेंगे पौधे

उद्यान विभाग के अनुसार किसान ऑफशूट पौधे राजकीय फार्म सगरा भोजका (जैसलमेर), मैकेनाइज्ड कृषि फार्म खारा (बीकानेर) और राज्य के कृषि विश्वविद्यालयों से प्राप्त कर सकते हैं। वहीं टिश्यू कल्चर से तैयार पौधे डीबीटी से मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं या अतुल राजस्थान डेटपाम लिमिटेड, चौपासनी (जोधपुर) से खरीदे जा सकते हैं।

उद्यान विभाग का कहना है कि सरकारी अनुदान, बेहतर उत्पादन और अच्छे बाजार भाव के कारण बीकानेर में खजूर की खेती तेजी से बढ़ रही है। आने वाले समय में यह क्षेत्र डेट पाम हब के रूप में विकसित हो सकता है, जिससे किसानों की आय में और वृद्धि होने की उम्मीद है।

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