कवच योजना से किसानों को मिलेगा नया कृषि ऋण, सरसों-धान को भी भावांतर योजना में शामिल किया जाएगा: सीएम यादव
06 अगस्त 2026, भोपाल: कवच योजना से किसानों को मिलेगा नया कृषि ऋण, सरसों-धान को भी भावांतर योजना में शामिल किया जाएगा: सीएम यादव – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार कृषक कल्याण वर्ष के तहत किसान हितैषी योजनाओं को प्राथमिकता के साथ घर-घर तक पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के खेतों से लेकर उनके खातों तक का ध्यान रख रही है। खेतों में पानी, बिजली, खाद-बीज और कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के साथ ही किसानों के खातों में फसल बीमा, किसान सम्मान निधि और ब्याज मुक्त ऋण की राशि भी पहुंचाई जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मंत्रालय भोपाल से वर्चुअल माध्यम से नर्मदापुरम में आयोजित 11वें बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं और योजनाओं की जानकारी दी।
कवच योजना से दूर होगी किसानों की ऋण संबंधी परेशानी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने ऐतिहासिक कवच योजना को मंजूरी दी है। इस योजना से उन किसानों को राहत मिलेगी, जिनके सहकारी खातों में पुरानी गड़बड़ियों या जांच में देरी के कारण नया कृषि ऋण और सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। अब ऐसे किसानों को मुख्यधारा में लाकर नया कृषि ऋण उपलब्ध कराया जाएगा और वे सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकेंगे।
सरसों और धान को भी मिलेगा भावांतर योजना का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार खेत में बीज बोने से लेकर किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने तक हर कदम पर साथ खड़ी है। उन्होंने बताया कि गेहूं उत्पादक किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और बोनस के साथ रिकॉर्ड 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई। सोयाबीन उत्पादकों को भावांतर योजना का लाभ दिया गया और अब सरसों तथा धान को भी भावांतर योजना में शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि पहली बार श्रीअन्न (कोदो-कुटकी) की एमएसपी पर खरीदी की गई और किसानों को बोनस भी दिया गया। वहीं किसानों की मांग को ध्यान में रखते हुए पात्र किसानों से मूंग उपार्जन की सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दी गई है।
फसल विविधीकरण और पशुपालन पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने किसानों से आय बढ़ाने के लिए फसल विविधीकरण अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पशुपालन और मत्स्य पालन आय बढ़ाने के प्रभावी माध्यम हैं और राज्य सरकार इन क्षेत्रों को हर संभव प्रोत्साहन दे रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में 20 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए दुग्ध समितियों का गठन किया गया है।
अब एक साल में पटेंगे सहकारी खाते
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए सहकारी खातों को छह-छह महीने के बजाय साल में एक बार पटाने की व्यवस्था लागू की है। साथ ही 31 मार्च तक खाते क्लियर करने की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी गई है। अब किसान अपनी सुविधा के अनुसार राशि जमा कर सकेंगे।
उद्यानिकी और प्राकृतिक खेती को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष के तहत सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के साथ कृषि यंत्रों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। नर्मदापुरम जिले में आम, अमरूद, संतरा, अनार, नींबू और केला जैसी उद्यानिकी फसलों की अपार संभावनाएं हैं।
उन्होंने बताया कि फलों के बाग और नर्सरी स्थापित करने पर सरकार अनुदान दे रही है। किसानों को पॉलीहाउस और शेडनेट हाउस लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। महिला स्व-सहायता समूहों को ‘एक बगिया मां के नाम’ योजना के माध्यम से लाभ दिया जा रहा है। इसके अलावा फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने पर 50 प्रतिशत सब्सिडी भी उपलब्ध कराई जा रही है।
नर्मदापुरम की कृषि और उद्योग क्षमता का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदापुरम रेशम नगरी के रूप में प्रसिद्ध है। यहां का उच्च गुणवत्ता वाला रेशम, शरबती गेहूं और बासमती चावल प्रदेश की पहचान बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि बाबई-मोहासा औद्योगिक क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और कटनी के पास लॉजिस्टिक्स पार्क भी बनाया जाएगा। साथ ही पिपरिया और पचमढ़ी के स्थानीय निवासियों की समस्याओं का समाधान भी सरकार ने किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और कृषक कल्याण वर्ष के दौरान किसानों के हित में ऐसी गतिविधियां लगातार संचालित होती रहेंगी। कार्यक्रम में सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

