राज्य कृषि समाचार (State News)

राजस्थान के किसान मानसून में ऐसे बचाएं खजूर की फसल

बारिश से फलों को नुकसान का खतरा, देसी तकनीक अपनाकर किसान कर सकते हैं फसल की सुरक्षा

28 जुलाई 2026, जयपुर: राजस्थान के किसान मानसून में ऐसे बचाएं खजूर की फसल – राजस्थान में खजूर की खेती किसानों के लिए आय का महत्वपूर्ण साधन बनती जा रही है। राज्य के कई क्षेत्रों में किसान बड़े पैमाने पर खजूर के बाग विकसित कर रहे हैं। हालांकि मानसून के दौरान खजूर की फसल की बढ़वार के साथ किसानों के सामने फलों को बारिश से बचाने की चुनौती भी खड़ी हो जाती है। लगातार बारिश और फलदार गुच्छों में पानी जमा होने से फलों के खराब होने, सड़ने और गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बढ़ जाती है।

ऐसे में किसान कुछ सरल और कम लागत वाली देसी तकनीक अपनाकर खजूर की फसल को बारिश से होने वाले नुकसान से बचा सकते हैं। जिन खजूर के पेड़ों पर फल लटक रहे हैं, उनके फलदार गुच्छों को बारिश से बचाने के लिए वाटरप्रूफ पॉलिथीन या तिरपाल से ढका जा सकता है।

फलदार गुच्छों को ढककर करें सुरक्षा

किसान खजूर के फलदार गुच्छों को इस तरह ढक सकते हैं कि बारिश का पानी सीधे फलों तक न पहुंच सके। इसके लिए वाटरप्रूफ पॉलिथीन या तिरपाल का उपयोग किया जा सकता है। इससे बारिश का पानी फलों पर सीधे नहीं गिरेगा और फसल को खराब होने से बचाने में मदद मिलेगी।

हालांकि गुच्छों को ढकते समय किसानों को कुछ सावधानियां भी रखनी चाहिए। पॉलिथीन या तिरपाल को पूरी तरह कसकर बंद नहीं करना चाहिए, क्योंकि अंदर हवा का आवागमन बना रहना जरूरी है। अधिक नमी और हवा के अभाव में फलों में फफूंद लगने या सड़न की समस्या पैदा हो सकती है।

बारिश के बाद करें नियमित निरीक्षण

मानसून के दौरान किसान खजूर के पेड़ों और फलदार गुच्छों का नियमित निरीक्षण करते रहें। यदि कहीं पानी जमा हो रहा हो तो उसे तुरंत हटाया जाए। बारिश के बाद फलों में सड़न, फफूंद या किसी अन्य प्रकार के संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर कृषि विशेषज्ञों से सलाह लेकर उचित उपचार किया जा सकता है।

इस तरह थोड़ी सावधानी और कम लागत वाली स्थानीय तकनीक अपनाकर राजस्थान के किसान मानसून के दौरान खजूर की फसल को सुरक्षित रख सकते हैं और उत्पादन तथा फलों की गुणवत्ता पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को कम कर सकते हैं।

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