राज्य कृषि समाचार (State News)

आलू, प्याज और लहसुन की खेती होगी आसान! एक ही मशीन से बुवाई-खुदाई, 60% तक बचेगा श्रम और समय  

31 जुलाई 2026, भोपालआलू, प्याज और लहसुन की खेती होगी आसान! एक ही मशीन से बुवाई-खुदाई, 60% तक बचेगा श्रम और समय – मध्यप्रदेश के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने और खेती में श्रम व समय की बचत सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सागर जिले में पोटैटो, ऑनियन एंड गार्लिक प्लांटर एंड डिगर परियोजना प्रभावी साबित हो रही है। इस आधुनिक मशीन की मदद से आलू, प्याज और लहसुन की बुवाई और खुदाई कम समय में अधिक दक्षता के साथ की जा सकती है। इससे खेती की लागत घटने के साथ किसानों को बेहतर उत्पादन की संभावना भी मिल रही है।

एक ही मशीन से होंगे कई काम

इस मशीन के जरिए बीज कंद और लहसुन की कलियों की बुवाई, समान दूरी और उचित गहराई पर रोपण, आलू, प्याज और लहसुन की खुदाई, मिट्टी से कंद एवं गांठों को अलग करना तथा फसल को जमीन की सतह पर छोड़ने जैसे कई कार्य किए जा सकते हैं। इससे खेती के महत्वपूर्ण कार्य तेज, आसान और अधिक व्यवस्थित हो रहे हैं।

10 लाख रुपये की है मशीन

परियोजना के तहत प्लांटर-डिगर मशीन की प्रति इकाई लागत 10 लाख रुपये निर्धारित की गई है। जिले के विभिन्न विकासखंडों में इसके लिए लक्ष्य भी तय किए गए हैं। सागर, रहली, देवरी और केसली विकासखंड में तीन-तीन इकाइयों का लक्ष्य रखा गया है, ताकि अधिक से अधिक किसान आधुनिक कृषि यंत्रों का लाभ उठा सकें।

40 से 60 प्रतिशत तक होगी श्रम की बचत

इस मशीन के उपयोग से किसानों को 40 से 60 प्रतिशत तक श्रम की बचत होती है। इसके अलावा पौधों की समान दूरी पर बुवाई होने से बीज की बचत, बेहतर अंकुरण और अधिक उत्पादन में भी मदद मिलती है। आधुनिक प्लांटर से सटीक बुवाई और डिगर से प्रभावी खुदाई होने के कारण खेती के कार्य पहले की तुलना में अधिक आसान और कम समय में पूरे किए जा सकते हैं। कृषि विभाग का मानना है कि यह परियोजना किसानों के लिए “सही मशीन, सही समय और बेहतर परिणाम” साबित हो रही है।

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