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राज्य कृषि समाचार (State News)

प्राकृतिक खेती की तकनीकों को अपनाएं: कलेक्टर टीकमगढ़

31 जुलाई 2026, टीकमगढ़: प्राकृतिक खेती की तकनीकों को अपनाएं: कलेक्टर टीकमगढ़ –  कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय  गत दिनों  मानस मंच पर आयोजित किसान सम्मेलन में शामिल हुए। भारतीय किसान संघ द्वारा प्रतिवर्ष 25 जुलाई को जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसान जन जागरूकता रैली एवं किसान सम्मेलन आयोजित किया जाता है। इसी क्रम में आज नगर के मानस मंच पर यही कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष श्री शिव मोहन गिरी, अन्य पदाधिकारी, जिले के किसान उपस्थित रहे।

कलेक्टर श्री  श्रोत्रिय ने कहा कि आज के आधुनिकता के समय में हमारी परंपरागत खेती पीछे छूट हुई है केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार के प्रयास हैं कि परंपरागत खेती को चलन में लेकर आएं। जिसके लिए सरकार द्वारा जैविक एवं प्राकृतिक खेती पर बल दिया जा रहा है।  कई योजनाओं के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक बीज, बीजामृत, जीवामृत उपलब्ध कराए जा रहे हैं जिनके प्रयोग से जैविक खेती को बल मिलता है।कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने जिले के किसानों से खेती में रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करते हुए जैविक एवं प्राकृतिक खेती को अपनाने का आह्वान किया है। प्राकृतिक खेती न केवल मिट्टी की उर्वराशक्ति को बढ़ाती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और मानव स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। उन्होंने किसानों को जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत, आच्छादन (मल्चिंग) तथा वाफसा जैसी प्राकृतिक खेती की तकनीकों का अधिकाधिक उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों के माध्यम से खेती की लागत कम होती है, भूमि की उत्पादकता बनी रहती है तथा गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित कृषि उपज प्राप्त होती है।  उन्होंने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि, जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा कृषि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से टीकमगढ़ जिले में 40 क्लस्टर किसान समूह सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा इन समूहों के माध्यम से किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, फसल विविधीकरण, जल संरक्षण, गुणवत्तायुक्त बीजों के उपयोग तथा शासन की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।

कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने मंच से संबोधित करते हुए कहा कि जैसे आज हर नागरिक के पास आधार कार्ड होना अत्यंत आवश्यक है उसी तरह हर किसान की फार्मर रजिस्ट्री होना बहुत ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि जिस किसान का नाम खसरे में दर्ज है उसकी फॉर्मर रजिस्ट्री बनाना आवश्यक है उन्होंने भारतीय किसान संघ से भी ऐसे लोगों को जिनकी फॉर्मर रजिस्ट्री नहीं हुई है उन्हें चिन्हित कर फॉर्मर रजिस्ट्री बनवाने के लिए जागरूक करने के लिए कहा।उन्होंने कहा कि यदि किसान की फार्मर रजिस्ट्री नहीं होगी तो वह भविष्य कई शासकीय लाभों से वंचित रह सकते हैं। खाद एवं उर्वरक प्राप्ति के लिए भी किसान की फॉर्मर आईडी अनिवार्य हो चुकी है। उन्होंने उपस्थित किसानों से कहा कि जिला प्रशासन ने अभियान चलाकर फॉर्मर रजिस्ट्री बनवायी है परंतु उसमें भी यदि कोई रह गया हो तो फॉर्मर रजिस्ट्री अवश्य बनवा लें और अपनी सभी जमीनों का ब्यौरा उसमें दर्ज़ कराएं।

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