किसानों के लिए बड़ी सौगात! धमतरी में खुला माइक्रो फूड प्रोसेसिंग सेंटर, मिलेगा प्रोसेसिंग से पैकेजिंग तक का प्रशिक्षण
31 जुलाई 2026, रायपुर: किसानों के लिए बड़ी सौगात! धमतरी में खुला माइक्रो फूड प्रोसेसिंग सेंटर, मिलेगा प्रोसेसिंग से पैकेजिंग तक का प्रशिक्षण – छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में किसानों, ग्रामीण युवाओं और महिला स्व-सहायता समूहों को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), धमतरी में नवनिर्मित माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इन्क्यूबेशन सेंटर (कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर) का लोकार्पण राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने किया। इस अवसर पर खाद्य प्रसंस्करण विषय पर आयोजित तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी समापन हुआ।
यह इन्क्यूबेशन सेंटर किसानों, नए उद्यमियों और एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) को कम लागत पर आधुनिक मशीनरी, उत्पाद परीक्षण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और कौशल प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इससे स्थानीय कृषि और उद्यानिकी उत्पादों का मूल्य संवर्धन होगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
बिना महंगी मशीन खरीदे शुरू कर सकेंगे फूड प्रोसेसिंग
माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इन्क्यूबेशन सेंटर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि किसान और नए उद्यमियों को शुरुआती दौर में महंगी मशीनें खरीदने की जरूरत नहीं होगी। वे यहां उपलब्ध आधुनिक मशीनों की मदद से फल, सब्जियां, मसाले, मोटे अनाज (मिलेट्स) और अन्य कृषि उत्पादों से जूस, अचार, सॉस, जैम सहित विभिन्न मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार कर सकेंगे। साथ ही उत्पादों की गुणवत्ता जांच, पैकेजिंग और बाजार परीक्षण की सुविधा भी मिलेगी।
वैज्ञानिक प्रसंस्करण से बढ़ेगी किसानों की आय
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि कृषि और उद्यानिकी उत्पादों का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र अब केवल कृषि तकनीक तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उन्हें ग्रामीण उद्यमिता के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के माध्यम से युवाओं, महिला स्व-सहायता समूहों और एफपीओ को स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
मंत्री ने इन्क्यूबेशन सेंटर में स्थापित आधुनिक मशीनों का निरीक्षण किया और प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे किसानों व युवाओं से संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि यह केंद्र स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और आधुनिक प्रोसेसिंग तकनीकों को बढ़ावा देकर लोगों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार
धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि यह सेंटर जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे स्थानीय कृषि और उद्यानिकी उत्पादों की प्रोसेसिंग तथा वैल्यू एडिशन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रसंस्करण सुविधाएं उपलब्ध होने से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
प्रशिक्षण में सिखाए गए आधुनिक तकनीक और मार्केटिंग के गुर
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों और युवाओं को खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान गुणवत्ता नियंत्रण, स्वच्छता मानक, आधुनिक पैकेजिंग, लेबलिंग, FSSAI के नियमों और उत्पादों की ब्रांडिंग एवं विपणन से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं पर विशेषज्ञों ने विस्तृत प्रशिक्षण दिया।
किसानों और उद्यमियों को मिलेगा सीधा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इन्क्यूबेशन सेंटर से किसानों को अपनी उपज का मूल्य संवर्धन करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी आय बढ़ेगी। वहीं ग्रामीण युवा और महिला समूह कम निवेश में अपना फूड प्रोसेसिंग उद्यम शुरू कर सकेंगे। यह पहल स्थानीय कृषि उत्पादों को नए बाजार दिलाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।
कार्यक्रम में धमतरी महापौर रामू रोहरा, पूर्व विधायक रंजना दीपेंद्र साहू, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के विस्तार सेवाओं के निदेशक, कृषि महाविद्यालय की अधिष्ठाता, खाद्य प्रसंस्करण विभागाध्यक्ष, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक, कृषि वैज्ञानिक, अधिकारी, किसान तथा महिला स्व-सहायता समूहों की बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।
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