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राज्य कृषि समाचार (State News)

नीमच जिले में  5172  मीट्रिक टन यूरिया वर्तमान में उपलब्ध हैं : संभागायुक्त डॉ. गोयल

06 नवम्बर 2023, नीमच: नीमच जिले में  5172  मीट्रिक टन यूरिया वर्तमान में उपलब्ध हैं : संभागायुक्त डॉ. गोयल – संभाग आयुक्त उज्जैन डॉ. संजय गोयल ने शनिवार की शाम को ऑफिसर मेस नीमच में नीमच जिले के अधिकारियों की एक बैठक में उर्वरक की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर श्री दिनेश जैन एडीएम सुश्री नेहा मीना, जिला पंचायत सीईओ श्री गुरु प्रसाद सहित कृषि सहकारिता मार्कफेड मार्केटिंग एवं जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अधिकारी भी उपस्थित थे। समीक्षा के दौरान पाया गया कि जिले के डबल लॉक केंद्रों और सोसाइटियों में वर्तमान में पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध है और निरंतर उर्वरक की आपूर्ति जिले में सुनिश्चित की जा रही है इस पर संभाग आयुक्त ने संतोष जताया।

बैठक में संभाग आयुक्त डॉ संजय गोयल ने जिले में खाद की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था डबल लाक में भंडारण, समितियों के गोदाम में भंडारित खाद की मात्रा ,अब तक वितरित किए गए उर्वरक की मात्रा की विस्तार से समीक्षा की और जानकारी ली। बैठक में कलेक्टर श्री दिनेश जैन ने बताया कि जिले में यूरिया की कोई कमी नहीं है। सहकारी समिति और नगद विक्रय केंद्रों से लगातार विक्रय किया जा रहा है। जिले में यूरिया की आज की उपलब्धता 5172 मैट्रिक टन है। रविवार को नीमच में यूरिया की एक रैक और पहुंच रही है। इसके साथ ही कोटा से सड़क मार्ग द्वारा भी यूरिया की निरंतर आपूर्ति जिले में हो रही है। जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। भविष्य में भी किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध करवाया जाएगा। सहकारी समितियों और डबल लॉक में भी पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध है ,इसलिए किसान किसी प्रकार की चिंता ना करें।कलेक्टर श्री दिनेश जैन ने किसानों से कहा है कि जिले में यूरिया की कोई कमी नहीं है। सहकारी समिति और नगद विक्रय केंद्रों से लगातार उर्वरक विक्रय किया जा रहा है। जिले में यूरिया खाद की कोई कमी नहीं है।

कमिश्नर डॉ गोयल ने सहकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सोसाइटियों को पाबंद करें, कि खाद का अग्रिम भंडारण अपने गोदाम में करें। आवश्यकता के अनुसार डबल लॉक से सोसाइटियों के गोदाम में उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।थोक उर्वरक विक्रेताओं को भी पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध करवाया जाए और उनके पास उपलब्ध स्टॉक की भी मॉनिटरिंग की जाए और थोक विक्रेताओं के माध्यम से भी किसानों को नगद खाद की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।कमिश्नर ने जिले में भविष्य की मांग को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रकार के उर्वरकों की अग्रिम मांग एवं उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

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