राजस्थान में किसानों एवं पशुपालकों का राज्य की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान : मुख्यमंत्री

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हर साल पेश होगा पृथक कृषि बजट

17 दिसम्बर 2022, जयपुर ।  राजस्थान में किसानों एवं पशुपालकों का राज्य की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान : मुख्यमंत्री   मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि एक लोकतांत्रिक सरकार के लिए आमजन के सुझाव महत्वपूर्ण हैं। राज्य सरकार सभी उपयोगी सुझावों को कृषि बजट में सम्मिलित करने का पूरा प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिवर्ष कृषि के लिए अलग से बजट प्रस्तुत किया जाएगा ताकि किसानों को अधिक से अधिक लाभ दिया जा सके।

श्री गहलोत मुख्यमंत्री कार्यालय में किसानों, पशुपालकों, डेयरी संघों के पदाधिकारियों तथा जनजातीय क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ बजट पूर्व संवाद को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि, पशुपालन एवं इससे जुड़े क्षेत्र राज्य की जीडीपी एवं अर्थव्यवस्था की धुरी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस बार के बजट के माध्यम से प्रदेश के किसानों तथा पशुपालकों की समृद्धि एवं खुशहाली के लिए आवश्यक प्रावधान करने के लिए पूरी तरह प्रयासरत है। हमारी सरकार ने पहली बार अलग से कृषि बजट लाने का ऐतिहासिक निर्णय किया। प्रदेश की करीब दो-तिहाई आबादी विषम भौगोलिक परिस्थितियों एवं पानी की कमी के बावजूद अपनी मेहनत से कृषि के क्षेत्र में प्रदेश को हमेशा अग्रणी पायदान पर रखने का सार्थक प्रयास करती है। हमारी पूरी कोशिश है कि बजट में ऐसे प्रावधान करें, जिससे राज्य के किसानों तथा पशुपालकों की आय बढ़े और वे खुशहाल हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश के किसान नवीन तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर उन्नत कृषि की ओर आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश में पानी की कमी और गिरते भूजल स्तर को देखते हुए राज्य सरकार बूंद-बूंद और फव्वारा सिंचाई पद्धति को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने खेतों में सोलर पैनल लगाकर किसानों की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने की योजना लागू की है। राज्य सरकार किसानों को फसल का उचित दाम, अच्छी गुणवत्ता का खाद, बीज और कीटनाशक समय पर उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

बैठक में कृषि मंत्री श्री लालचंद कटारिया ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों को लगभग 16 हजार 800 करोड़ रूपए की फसल बीमा राशि का भुगतान किया जा चुका है। कोरोना काल के बाद युवाओं का कृषि के प्रति रूझान बढ़ा है। युवा किसानों द्वारा नई तकनीकों का उपयोग कर खेती को उन्नत बनाया जा रहा है।

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