राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

कृषक जगत समाचार@ 5.00 PM: उर्वरक नमूना I किसान आंदोलन I IARI की सलाह I जलवायु परिवर्तन I प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि

28 दिसंबर 2024, नई दिल्ली: नमस्कार, आइए जानते हैं आज शाम 5 बजे तक कृषक जगत की 10 बड़ी खबरें…

1. उर्वरक नमूना लेने के नियमों में संशोधन

कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ( कृषि और किसान कल्याण विभाग ) नई दिल्ली द्वारा 13 दिसंबर 2024  को भारत के राजपत्र ( क्रमांक सीजीडीएल-अ – 14122024 -259411 ) में उर्वरक के नमूना लेने के नियमों में संशोधन किया गया है। पूरी खबर पढ़े….

2. खेतों से संसद तक आंदोलन: संवाद से होगा समाधान !

Advertisement
Advertisement

पूरे देश में संसद का शीतकालीन सत्र सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। पक्ष और विपक्ष दोनों और से ही छीटाकसी और आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी रहा। संसद का शीतकालीन सत्र पिछले महीने 25 नवम्बर से शुरू हुआ था और 20 दिसम्बर को संसद के दोनों सदनों की कार्रवाई अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। इस दौरान पूरे सत्र में कुल 20 बैठकें हुई। पूरी खबर पढ़े….

Advertisement
Advertisement

3. किसान पुत्र से किसानों के सवाल ?

सही अर्थों में यह समय देश के कृषि मंत्री शिवराज सिंह पर भारी है। जैसे देश के उपराष्ट्रपति ये वाक्य कुछ महत्य रखते हैं “कर दूसरे पद पर विराजमान व्यक्ति आपसे अनुरोध कर रहा है कि कुया कर मुझे बताएं कि क्या किसानों से वायदा किया गया था? वायदा क्यों नहीं निभाया गया? वायदा निभाने के लिए हम क्या कर रहे हैं? गत वर्ष भी आंदोलन था, इस वर्ष भी आंदोलन है। पूरी खबर पढ़े….

4. बारिश और ठंड में फसल बचाने के 8 असरदार उपाय, जानें IARI की सलाह

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली, ने 27 दिसंबर 2024 को साप्ताहिक मौसम पर आधारित कृषि परामर्श जारी किया है। यह परामर्श किसानों को 1 जनवरी 2025 तक के लिए है, जिसमें मौसम के हिसाब से फसलों की देखभाल और खेती के कार्यों को प्रभावी ढंग से करने के सुझाव दिए गए हैं। आईए, जानें इस सप्ताह की मुख्य सलाह, बीते सप्ताह का मौसम और आगामी मौसम पूर्वानुमान। पूरी खबर पढ़े….

5. जलवायु परिवर्तन के दौर में पारंपरिक किस्मों की अहमियत पर जोर, नई दिल्ली में कार्यशाला आयोजित

Advertisement
Advertisement

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों के बीच कृषि और बागवानी की पारंपरिक किस्मों को संरक्षित और बढ़ावा देने के लिए एक बहु-हितधारक कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में तमिलनाडु, ओडिशा सहित 10 राज्यों के किसान, बीज रक्षक और विशेषज्ञ शामिल हुए। कार्यशाला का उद्देश्य वर्षा आधारित क्षेत्रों में पारंपरिक किस्मों की उपयोगिता पर चर्चा करना और इन किस्मों को बाजार और नीति-निर्माण से जोड़ने के उपाय तलाशना था। पूरी खबर पढ़े….

6. चना की फसल से ज्यादा पैदावार पाने के 5 विशेषज्ञ टिप्स

चना भारतीय किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण दलहनी फसल है, जो न केवल पोषण से भरपूर होती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ाती है। इसके उत्पादन में सही बीज, उर्वरक, और खेती तकनीक का बड़ा योगदान होता है। हालांकि, कई बार बदलते मौसम, मिट्टी की गुणवत्ता और फसल रोगों के कारण पैदावार प्रभावित होती है। ऐसे में, कृषि विशेषज्ञों के सुझाए गए ये 5 टिप्स आपकी चना की फसल की उपज बढ़ाने में मदद करेंगे और बेहतर मुनाफा दिलाएंगे। पूरी खबर पढ़े….

7. उर्वरकों के सही उपयोग से चने की पैदावार 15 क्विंटल तक बढ़ाएं

चना की फसल की अच्छी पैदावार के लिए मिट्टी की उर्वरता और उर्वरकों का सही संतुलन बेहद जरूरी है। कई किसान फसल में उर्वरकों का उपयोग तो करते हैं, लेकिन उनकी सही मात्रा और समय की जानकारी न होने के कारण अपेक्षित उपज नहीं मिल पाती। वैज्ञानिक अनुसंधान बताते हैं कि उर्वरकों का सही उपयोग करने से चने की पैदावार को 15 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक बढ़ाया जा सकता है। पूरी खबर पढ़े….

8. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिये फार्मर आईडी अनिवार्य

मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के तहत हितग्राही योजनाओं के सैचुरेशन एवं सेवाओं के प्रदान के संबंध में निर्देश जारी किये गये है। भारत सरकार के निर्देशन में प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री के अंतर्गत प्रत्येक कृषक भूमिस्वामी को एक यूनिक आईडी जनरेट कर प्रदान की जायेगी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिये फार्मर आईडी अनिवार्य है। पूरी खबर पढ़े….

9. गोगावां फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी ने प्रदेश में स्वयं का वेयरहाउस बनाया

 मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के गोगावां फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी   ने प्रदेश में स्वयं का वेयरहाउस बनाया है। गोगावां फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी जो केवल 10 किसानों से शुरू हुई थी। आज मध्य प्रदेश में किसानों के लिए प्रगति और समृद्धि के नए आयाम स्थापित कर रही है। पूरी खबर पढ़े….

10. मध्यप्रदेश में ई-मंडी योजना का विस्तार: 1 जनवरी से 41 नई मंडियों में शुरू होगी डिजिटल प्रक्रिया

मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के लिए मंडियों को डिजिटल और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि ई-मंडी योजना का विस्तार करते हुए इसे 1 जनवरी 2025 से राज्य की बी-श्रेणी की 41 मंडियों में शुरू किया जाएगा। यह योजना पहले से ही 42 मंडियों में संचालित है। पूरी खबर पढ़े….

Advertisements
Advertisement
Advertisement