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फसल की खेती (Crop Cultivation)

बारिश और ठंड में फसल बचाने के 8 असरदार उपाय, जानें IARI की सलाह

28 दिसंबर 2024, नई दिल्ली: बारिश और ठंड में फसल बचाने के 8 असरदार उपाय, जानें IARI की सलाह – भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली, ने 27 दिसंबर 2024 को साप्ताहिक मौसम पर आधारित कृषि परामर्श जारी किया है। यह परामर्श किसानों को 1 जनवरी 2025 तक के लिए है, जिसमें मौसम के हिसाब से फसलों की देखभाल और खेती के कार्यों को प्रभावी ढंग से करने के सुझाव दिए गए हैं। आईए, जानें इस सप्ताह की मुख्य सलाह, बीते सप्ताह का मौसम और आगामी मौसम पूर्वानुमान।

कृषि वैज्ञानिकों की किसानों को सलाह:

1.      खड़ी फसलें और सिंचाई: आने वाले दिनों में वर्षा की संभावना को देखते हुए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे खड़ी फसलों में सिंचाई और किसी भी प्रकार का छिड़काव फिलहाल न करें। इससे फसल में पानी की अधिकता और रोगों के फैलाव की संभावना कम होगी।

2.      सरसों की फसल: देर से बोई गई सरसों की फसल में विरलीकरण और खरपतवार नियंत्रण का कार्य करें। औसत तापमान में गिरावट को ध्यान में रखते हुए सफेद रतुआ रोग की नियमित निगरानी करें और लक्षण दिखने पर तुरंत उपचार करें।

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3.      प्याज की खेती: तैयार खेतों में प्याज की रोपाई से पहले अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद और पोटाश उर्वरक का प्रयोग करें। यह पौधों की बेहतर बढ़वार में सहायक होगा।

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4.      आलू और टमाटर की फसल: आलू की फसल में उर्वरक डालें और मिट्टी चढ़ाने का कार्य करें। हवा में अधिक नमी के कारण आलू और टमाटर में झुलसा रोग की संभावना रहती है। यदि लक्षण दिखें तो डाईथेन-एम-45 (2 ग्राम प्रति लीटर पानी) का छिड़काव करें। ध्यान दें कि छिड़काव आसमान साफ होने पर ही करें।

5.      सब्जियों की पौधशाला: जिन किसानों ने टमाटर, फूलगोभी, बंदगोभी और ब्रोकली की पौधशाला तैयार की है, वे मौसम को ध्यान में रखते हुए पौधों की रोपाई करें। पौधों की रोपाई करते समय पर्याप्त नमी और पौध संरक्षण उपायों का ध्यान रखें।

6.      गोभी वर्गीय सब्जियां: गोभी वर्गीय सब्जियों में पत्तियां खाने वाले कीटों की निगरानी करें। यदि इनकी संख्या अधिक हो तो बीटी (1.0 ग्राम प्रति लीटर पानी) या स्पेनोसेड दवा (1.0 एमएल/3 लीटर पानी) का छिड़काव करें। छिड़काव भी साफ आसमान में ही करें।

7.      आम के बाग: मिलीबग की रोकथाम के लिए आम के तनों पर जमीन से 0.5 मीटर की ऊंचाई तक 25-30 सेमी चौड़ी अल्काथीन की पट्टी लपेटें और तनों के आसपास की मिट्टी की खुदाई करें। मिलीबग के बच्चे इस मौसम में जमीन से निकलकर तनों पर चढ़ने लगते हैं। तने के आस-पास  की मिट्टी की खुदाई से उनके अंडे नष्ट हो जाएंगे।

8.      गेंदे की फसल: सापेक्षिक आर्द्रता अधिक होने के कारण गेंदे की फसल में पुष्प सड़न रोग की संभावना रहती है। किसानों को नियमित रूप से फसल की निगरानी करनी चाहिए और लक्षण दिखने पर तुरंत उपाय अपनाने चाहिए।

बीते सप्ताह का मौसम:

21 दिसंबर से 27 दिसंबर 2024 के बीच सुबह हल्की धुंध रही। दिन का अधिकतम तापमान 18.0°C से 22.8°C और न्यूनतम तापमान 5.4°C से 12.3°C के बीच रहा। सापेक्षिक आर्द्रता सुबह 83-97% और दोपहर में 66-74% दर्ज की गई। हवा की दिशाओं में सुबह और दोपहर को भिन्नता रही। इस दौरान औसतन 2.3 घंटे प्रतिदिन धूप खिली रही, जबकि हवा की गति 1.5 किमी प्रति घंटा और वाष्पीकरण दर 1.3 मिमी प्रतिदिन रही।

आगामी मौसम पूर्वानुमान (28 दिसंबर 2024 – 1 जनवरी 2025):

  • वर्षा: 28 दिसंबर को हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
  • तापमान: अधिकतम 19-23°C और न्यूनतम 6-12°C।
  • कोहरा: सुबह हल्के से मध्यम कोहरे की संभावना।
  • बादलों की स्थिति (ओक्टा): 28 दिसंबर को 7 ओक्टा और शेष दिनों में 2 ओक्टा।
  • हवा की दिशा: मुख्यत: उत्तर-उत्तर-पश्चिम।
  • हवा की गति: 8-20 किमी प्रति घंटा।
  • साप्ताहिक संचयी वर्षा: 30 मिमी।

यह परामर्श किसानों को उनकी फसल की उत्पादकता बढ़ाने और संभावित जोखिमों को कम करने में मदद करेगा। IARI की सलाह को ध्यान में रखते हुए खेती करें और मौसम आधारित खेती का लाभ उठाएं।


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