मध्यप्रदेश: पशुपालकों के लिए ‘गोरस ऐप’ लॉन्च, अब मोबाइल बताएगा पशुओं का सही आहार, बढ़ेगा दूध उत्पादन
14 अप्रैल 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश: पशुपालकों के लिए ‘गोरस ऐप’ लॉन्च, अब मोबाइल बताएगा पशुओं का सही आहार, बढ़ेगा दूध उत्पादन – मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और पशुपालकों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में पशुपालन एवं डेयरी विभाग लगातार नवाचार कर रहा है। इसी क्रम में विभाग ने ‘गोरस मोबाइल ऐप’ विकसित किया है, जो पशुपालकों को उनके पशुओं के संतुलित आहार प्रबंधन की वैज्ञानिक और सटीक जानकारी उपलब्ध कराएगा।
यह ऐप पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार के साथ-साथ दूध उत्पादन बढ़ाने में भी मदद करेगा, जिससे पशुपालकों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। विभाग का मानना है कि तकनीक के उपयोग से पारंपरिक पशुपालन प्रणाली में बड़ा बदलाव आएगा और किसान अधिक लाभ कमा सकेंगे।
क्यों बनाया गया ‘गोरस ऐप’
प्रदेश में 2 करोड़ से अधिक गाय और भैंसों का पालन किया जा रहा है, लेकिन अधिकांश पशुपालक अभी भी पारंपरिक तरीकों से पशुओं को आहार देते हैं। वैज्ञानिक पोषण के अभाव में पशुओं की उत्पादन क्षमता प्रभावित होती है, जिससे 20 से 30 प्रतिशत तक दूध उत्पादन में कमी, गर्भधारण में कठिनाई और बार-बार हीट जैसी समस्याएं सामने आती हैं।
इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने यह नवाचार किया है। ‘गोरस ऐप’ के माध्यम से पशुपालक अपने पशु की नस्ल, वजन, दुग्ध उत्पादन, गर्भावस्था की स्थिति, दुग्ध उत्पादन का महीना और दिए जा रहे आहार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके आधार पर ऐप संतुलित आहार की सही मात्रा और प्रकार बताएगा।
ऐप की खासियतें और फायदे
यह ऐप न केवल सही आहार की जानकारी देगा, बल्कि यह भी बताएगा कि बेहतर आहार प्रबंधन से एक ब्यांत में कितना आर्थिक लाभ हो सकता है। साथ ही वर्तमान आहार से संभावित नुकसान की जानकारी भी उपलब्ध कराएगा। अवर्णित गाय और भैंसों के लिए नस्ल सुधार के सुझाव भी इसमें शामिल किए गए हैं।
इसके अलावा, ऐप चुने हुए चारे संयोजन के माध्यम से अधिकतम दूध उत्पादन और न्यूनतम लागत का मार्गदर्शन करेगा। यह मौसम (विशेषकर गर्मी) और गर्भावस्था के अनुसार आहार में स्वचालित बदलाव का सुझाव भी देगा। गिर, साहीवाल, थारपारकर, मुर्रा, भदावरी और संकर नस्लों के लिए अलग-अलग मार्गदर्शन भी ऐप में उपलब्ध होगा।
जल्द प्ले स्टोर पर होगा उपलब्ध
पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा विकसित यह ऐप जल्द ही गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध होगा। यह पूरी तरह नि:शुल्क रहेगा। पशुपालक इसे अपने मोबाइल में आसानी से डाउनलोड कर उपयोग कर सकेंगे। यह ऐप पूरी तरह हिंदी भाषा में विकसित किया गया है और इंटरनेट के बिना भी काम करने में सक्षम होगा।
डाउनलोड प्रक्रिया
पशुपालक गूगल प्ले स्टोर पर जाकर ‘गोरस ऐप’ सर्च करेंगे। डाउनलोड के बाद इंस्टॉल की अनुमति देकर ऐप को इंस्टॉल करना होगा। इसके बाद आवश्यक सुरक्षा अनुमति देकर ऐप का उपयोग शुरू किया जा सकेगा।
विभाग का उद्देश्य
प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी विभाग उमाकांत उमराव ने बताया कि इस ऐप का उद्देश्य पशुपालकों को उनके मोबाइल पर ही पशु पोषण संबंधी वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराना है। इससे पशुओं को सही आहार मिलेगा और दूध उत्पादन में वृद्धि होगी। विभाग का मानना है कि यह पहल प्रदेश में वैज्ञानिक पशुपालन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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