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पशुपालन (Animal Husbandry)राज्य कृषि समाचार (State News)

पशुओं के इलाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, देर से आने वाले डॉक्टरों पर हो तुरंत कार्रवाई; CM भजनलाल शर्मा ने दिए कड़े निर्देश

15 जुलाई 2026, जयपुर: पशुओं के इलाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, देर से आने वाले डॉक्टरों पर हो तुरंत कार्रवाई; CM भजनलाल शर्मा ने दिए कड़े निर्देश – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में कोई भी पशु लक्षित टीकाकरण से वंचित नहीं रहना चाहिए। पशुओं का स्वास्थ्य किसानों की आर्थिक समृद्धि का आधार है। पशु के बीमार होने का सीधा प्रभाव किसान की आजीविका और आय पर पड़ता है। इसलिए पशुओं में टीकाकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को पशु रोग नियंत्रण को लेकर उच्च स्तरीय बैठक ली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पशुपालकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध करवाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है तथा इसमें किसी भी स्तर पर कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री का सख्त रूख, लापरवाही पर होगा कड़ा एक्शन

उन्होंने कहा कि विभाग पूरी सजगता और सतर्कता के साथ फील्ड पर प्रभावी मॉनिटरिंग करें तथा पशु चिकित्सा संस्थानों में औचक निरीक्षण किए जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि समय पर नहीं आने वाले डॉक्टरों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही, अस्पताल की दवाओं के निजी उपयोग तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पर भी सख्त एक्शन लें। मुख्यमंत्री ने सख्त हिदायत देते हुए कहा कि बेजुबान पशुओं के उपचार में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। आंकड़े और रिपोर्ट का फील्ड वेरिफिकेशन कराया जाएगा।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि 1962 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों के संचालन की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने 1962 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों, दवा वितरण एवं मंगला पशु बीमा योजना की जिलेवार एवं उपखण्डवार प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

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बैठक के दौरान बताया गया कि मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत अब तक 23.25 लाख पशुओं का बीमा किया जा चुका है तथा 11.16 लाख से अधिक पशुपालकों को लाभ मिला है। वहीं, प्रदेश में 536 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों के जरिए पशुपालकों को उनके घर के पास पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इसके जरिए अब तक 64 लाख से अधिक पशुओं का उपचार किया गया है और लगभग 17.5 लाख पशुपालक लाभान्वित हुए हैं। उल्लेखनीय है कि इस व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिलने के साथ ही इसके अध्ययन के लिए एशियाई विकास बैंक को अधिकृत भी किया गया है। बैठक में पशुपालन व गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित मुख्यमंत्री कार्यालय एवं पशुपालन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।’

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