पशुपालन (Animal Husbandry)राज्य कृषि समाचार (State News)

बहुफसली खेती और पशुपालन से बढ़ेगी किसानों की आय : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

08 जुलाई 2026, भोपाल: बहुफसली खेती और पशुपालन से बढ़ेगी किसानों की आय : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की आय में स्थायी वृद्धि केवल एक फसल पर निर्भर रहने से संभव नहीं है। इसके लिए बहुफसली खेती, उन्नत कृषि तकनीकों और आधुनिक पशुपालन को अपनाना समय की आवश्यकता है। इसी सोच के साथ प्रदेश सरकार प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ पशुपालन के क्षेत्र में भी व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है।

 ग्वालियर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर आयोजित उन्नत कृषि विषयक संभागीय कार्यशाला में किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में मध्यप्रदेश दुग्ध उत्पादन के मामले में देश में तीसरे स्थान पर है। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में देश का नंबर एक राज्य बनाना है। इस दिशा में नेशनल डेयरी विकास योजना के अंतर्गत ग्वालियर दुग्ध संघ सहित साँची दुग्ध उत्पादन संघ को आवश्यक वित्तीय एवं तकनीकी सहायता प्रदान की जा रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं।

मुख्यमंत्री ने किसानों से सीधे संवाद करते हुए जैविक और प्राकृतिक खेती अपनाने के उनके अनुभव भी सुने। उन्होंने कहा कि रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने से उत्पादन की गुणवत्ता बेहतर होगी, मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी और किसानों को बेहतर बाजार मूल्य भी प्राप्त होगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ग्वालियर में स्थापित होने जा रही अत्याधुनिक हाईटेक नर्सरी एवं फ्लोरीकल्चर गार्डन का रिमोट के माध्यम से भूमिपूजन भी किया। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत लगभग 13 करोड़ रुपये की लागत से ग्वालियर के खुरैरी एवं जहांगीरपुर में इस परियोजना के प्रथम चरण का कार्य किया जाएगा। इस परियोजना से उद्यानिकी क्षेत्र को नई दिशा मिलने के साथ किसानों को आधुनिक पौध उत्पादन, पुष्प खेती और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उद्यानिकी, मत्स्य पालन तथा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत चयनित किसानों को हितलाभ भी वितरित किए। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि के साथ डेयरी, बागवानी, मत्स्य पालन और अन्य कृषि आधारित गतिविधियों को एकीकृत रूप से प्रोत्साहित कर रही है, ताकि प्रदेश का किसान आर्थिक रूप से अधिक समृद्ध और आत्मनिर्भर बन सके।

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