पशुपालन (Animal Husbandry)राज्य कृषि समाचार (State News)

स्टेट हाईवे होंगे गोवंश मुक्त, हर पांच किलोमीटर पर बनेगी गौशाला

प्रदेश सरकार की नई पहल से सड़क दुर्घटनाओं पर लगेगी रोक, उज्जैन की प्रमुख सड़कों को भी मिलेगा लाभ

08 जुलाई 2026, उज्जैन: स्टेट हाईवे होंगे गोवंश मुक्त, हर पांच किलोमीटर पर बनेगी गौशाला – प्रदेश में सड़कों पर घूमते और बैठते बेसहारा गोवंश के कारण होने वाली दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) ने गोवंश प्रबंधन के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की है, जिसे शासन की मंजूरी मिलते ही लागू किया जाएगा। इस नई व्यवस्था का लाभ उज्जैन जिले के स्टेट हाईवे को भी मिलेगा, जहां धार्मिक पर्यटन, ग्रामीण यातायात और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण आए दिन गोवंश सड़क पर दिखाई देता है।

उज्जैन जिले  से जुड़े विभिन्न स्टेट हाईवे पर अक्सर बेसहारा गोवंश सड़क पर बैठा रहता है। विशेष रूप से बारिश के मौसम में सड़कें जल्दी सूखने के कारण गोवंश बड़ी संख्या में हाईवे पर आ जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। कई बार वाहन चालक गोवंश को बचाने के प्रयास में स्वयं दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं।

नई एसओपी के तहत स्टेट हाईवे के किनारे हर पांच किलोमीटर पर टीन शेड वाली गोशालाएं विकसित की जाएंगी, जहां बेसहारा गोवंश को सुरक्षित रखा जाएगा। इसके अलावा सड़क किनारे विशेष चबूतरे बनाए जाएंगे ताकि पशु सड़क पर बैठने के बजाय निर्धारित स्थानों पर रहें। प्रत्येक क्षेत्र के लिए रेस्क्यू वाहन भी उपलब्ध रहेगा, जो सड़क पर मिले गोवंश को पकड़कर सुरक्षित गौशाला तक पहुंचाएगा।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जिस एजेंसी या कंपनी को सड़क निर्माण का कार्य सौंपा जाएगा, वही इन गोशालाओं, चबूतरों और अन्य व्यवस्थाओं के निर्माण एवं संचालन की जिम्मेदारी भी निभाएगी। स्थानीय प्रशासन और संबंधित निकायों के साथ समन्वय कर बेसहारा गोवंश का प्रबंधन किया जाएगा। भविष्य में बनने वाले सभी नए स्टेट हाईवे के टेंडर में इन व्यवस्थाओं को अनिवार्य शर्त के रूप में शामिल किया जाएगा।

प्रदेश सरकार का मानना है कि यदि गोवंश को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया जाए तो सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी और पशुओं का भी संरक्षण होगा। उज्जैन जैसे धार्मिक शहर में, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु महाकाल दर्शन के लिए पहुंचते हैं और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी भारी यातायात रहता है, यह योजना सड़क सुरक्षा की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

यदि शासन इस एसओपी को अंतिम मंजूरी दे देता है तो मध्य प्रदेश देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल होगा, जहां सड़क निर्माण परियोजनाओं के साथ गोवंश प्रबंधन को भी संस्थागत रूप से जोड़ा जाएगा। इससे प्रदेश के साथ-साथ उज्जैन जिले के स्टेट हाईवे पर भी सड़क सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और पशु संरक्षण को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

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