राज्य कृषि समाचार (State News)

10 हजार पौधों से शुरू हुई नर्सरी, आज हर महीने तैयार हो रहे 15 लाख पौधे; किसान भाइयों की सफलता बनी मिसाल

13 जून 2026, भोपाल: 10 हजार पौधों से शुरू हुई नर्सरी, आज हर महीने तैयार हो रहे 15 लाख पौधे; किसान भाइयों की सफलता बनी मिसाल – भोपाल जिले के छोटे से गांव रतुआ रतनपुर के किसान भाई हेमंत कुशवाह और ओम कुशवाह आज प्रदेशभर के किसानों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। कभी मात्र 10 हजार पौधों से नर्सरी की शुरुआत करने वाले इन किसानों की नर्सरी आज हर महीने लगभग 15 लाख पौधों का उत्पादन कर रही है। उनकी सफलता न केवल मेहनत और नवाचार की मिसाल है, बल्कि आसपास के ग्रामीणों के लिए रोजगार का भी बड़ा माध्यम बन चुकी है। वर्तमान में उनकी नर्सरी से 15 से 20 ग्रामीणों को रोजगार मिल रहा है।

सरकारी योजनाओं और प्रशिक्षण से मिली नई दिशा

हेमंत और ओम कुशवाह की सफलता के पीछे कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की योजनाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वर्ष 2017-18 से विभाग के अधिकारियों के संपर्क में आने के बाद दोनों भाइयों ने कृषि और उद्यानिकी से जुड़े विभिन्न प्रशिक्षणों में हिस्सा लिया। इससे उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों और नर्सरी प्रबंधन की जानकारी मिली।

वर्ष 2024 में उन्होंने राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की एमआईडीएच योजना के तहत 45 लाख रुपये का ऋण लेकर अपनी नर्सरी का विस्तार किया। इसके बाद नर्सरी का क्षेत्रफल बढ़ाकर 2 एकड़ किया गया और 4 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में दो पॉलीहाउस भी स्थापित किए गए।

2000 वर्गफीट से शुरू हुआ था सफर

हेमंत कुशवाह बताते हैं कि वर्ष 2018 में उन्होंने केवल 2000 वर्गफीट क्षेत्र में पॉलीहाउस नर्सरी की शुरुआत की थी। उस समय पानी की समस्या सबसे बड़ी चुनौती थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने स्वयं कुएं की खुदाई कर जल स्रोत तैयार किया और धीरे-धीरे अपने कृषि कार्य का विस्तार किया।

आज उनकी 8 एकड़ भूमि पूरी तरह सिंचित है और यहां बैंगन, टमाटर, मिर्च, गिलकी, लौकी और खीरा जैसी फसलों के हाईब्रिड पौधे तैयार किए जाते हैं। इसके अलावा गुलाब, जरबेरा, गेंदा और नौरंगा जैसे फूलों की पौध भी बड़े पैमाने पर तैयार की जा रही है।

कई राज्यों तक पहुंच रही पौध

कुशवाह बंधु अपनी नर्सरी में तैयार पौधों को केवल मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान के किसानों तक भी पहुंचा रहे हैं। वे सेमीनेस, फेजेंटा और अंकुर बीएनआर जैसी उन्नत किस्मों के पौधे तैयार कर किसानों को उपलब्ध करा रहे हैं।

सोशल मीडिया और मोबाइल से भी कर रहे बिक्री

हेमंत कुशवाह ने बताया कि किसान भाई “ओम नर्सरी” से पौधे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मोबाइल नंबर 7470356555 के माध्यम से सीधे खरीद सकते हैं। वे लगातार प्रशिक्षण लेकर नई तकनीकों को अपनाते हुए खेती और नर्सरी व्यवसाय में नवाचार कर रहे हैं।

किसानों को दिया सफलता का संदेश

हेमंत और ओम कुशवाह का मानना है कि यदि किसान मेहनत के साथ सरकारी योजनाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ लें, तो खेती आज भी सबसे लाभकारी व्यवसाय बन सकती है। उन्होंने अपनी सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया।

हाल ही में भोपाल संभाग के कमिश्नर संजीव सिंह ने भी उनके गांव पहुंचकर नर्सरी का अवलोकन किया और उनकी उद्यमशीलता तथा नवाचार की सराहना की।

कुशवाह बंधुओं की यह सफलता दर्शाती है कि आधुनिक तकनीक, सरकारी योजनाओं का सही उपयोग और दृढ़ संकल्प के बल पर खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदला जा सकता है। उनकी उपलब्धि प्रदेश के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।

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