Ad DesktopAd TabletAd Mobile
पशुपालन (Animal Husbandry)राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

वैज्ञानिक पशुपालन से बढ़ेगी किसानों की आय, रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में बोले शिवराज सिंह चौहान  

06 अगस्त 2026, नई दिल्ली: वैज्ञानिक पशुपालन से बढ़ेगी किसानों की आय, रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में बोले शिवराज सिंह चौहान – केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक पशुपालन को अपनाना समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि किसानों द्वारा सीखी गई तकनीकों को अपने खेतों और पशुपालन कार्यों में व्यवहार में उतारना है। उन्होंने देशभर के कृषि विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों से किसानों एवं पशुपालकों के लिए नियमित रूप से व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का भी आह्वान किया।

शिवराज सिंह चौहान ने यह बातें रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी में किसानों एवं पशुपालकों के लिए आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन सत्र को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहीं। कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक एवं डेयर सचिव डॉ. एम. एल. जाट, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ए. के. सिंह, आईसीएआर के वैज्ञानिक, विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य तथा विभिन्न राज्यों से जुड़े किसान एवं पशुपालक उपस्थित रहे।

व्यावहारिक प्रशिक्षण किसानों की उन्नति का आधार

केंद्रीय मंत्री ने रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान और प्रशिक्षण किसानों की उन्नति के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार को इस पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि देश के प्रत्येक कृषि विश्वविद्यालय और संस्थान को अपने-अपने क्षेत्र में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने चाहिए, ताकि वैज्ञानिक तकनीकों का लाभ सीधे किसानों तक पहुंच सके।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

सीखी गई तकनीकों को व्यवहार में अपनाने का आह्वान

शिवराज सिंह चौहान ने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले किसानों से कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल तीन दिनों तक प्रशिक्षण प्राप्त करना नहीं है, बल्कि यहां सीखी गई वैज्ञानिक तकनीकों और जानकारियों को अपने दैनिक कृषि एवं पशुपालन कार्यों में लागू करना है। उन्होंने कहा कि अच्छे एवं स्वस्थ पशुओं का चयन, संतुलित आहार, रोग प्रबंधन, वैज्ञानिक प्रजनन तकनीक तथा दुग्ध उत्पादन से जुड़े आधुनिक उपाय किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

केवल फसल उत्पादन से नहीं बढ़ेगी आय

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों को बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें पशुपालन के क्षेत्र में अधिक सक्षम बनाना चाहती है, ताकि दुग्ध उत्पादन बढ़े, पशु स्वस्थ रहें और किसानों की आमदनी में वृद्धि हो। उन्होंने कहा कि किसानों के जीवन में समृद्धि और खुशहाली लाना ही उनके सार्वजनिक जीवन का प्रमुख उद्देश्य है।

उन्होंने कहा कि केवल अनाज उत्पादन से किसानों की आय में अपेक्षित वृद्धि संभव नहीं है। इसके लिए पशुपालन सहित अन्य कृषि आधारित गतिविधियों को भी अपनाना होगा। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक तरीकों से पशुपालन करने और प्रशिक्षण में मिली जानकारी का अधिकतम उपयोग करने का आग्रह किया।

कृषि संस्थानों की जिम्मेदारी भी अहम

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देशभर के कृषि विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों का दायित्व केवल सैद्धांतिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि किसानों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उनकी आजीविका में सकारात्मक बदलाव लाना भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से अधिकाधिक किसान जुड़ेंगे, जिससे दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि इस प्रशिक्षण से उन्हें आधुनिक पशुपालन तकनीकों को समझने और अपनाने में मदद मिली है।

एकीकृत कृषि प्रणाली अपनाने पर जोर

इस अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक एवं डेयर सचिव डॉ. एम. एल. जाट ने कहा कि किसानों की आय में तेजी से वृद्धि और पर्यावरण संरक्षण के लिए एकीकृत कृषि प्रणाली (इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम) को अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि डेयरी को इस प्रणाली का अभिन्न हिस्सा मानते हुए आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कृषि शिक्षण संस्थानों में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि वैज्ञानिक तकनीकों का लाभ सीधे किसानों और पशुपालकों तक पहुंच सके।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture