जुलाई 2026 में भारत में ट्रैक्टर रिटेल बिक्री 28.1% बढ़ी
06 अगस्त 2026, नई दिल्ली: जुलाई 2026 में भारत में ट्रैक्टर रिटेल बिक्री 28.1% बढ़ी – भारत के ट्रैक्टर बाजार ने जुलाई 2026 में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) द्वारा जारी रिटेल पंजीकरण आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 में देशभर में 1,17,349 ट्रैक्टरों का पंजीकरण हुआ, जबकि जुलाई 2025 में यह संख्या 91,604 थी। यानी ट्रैक्टरों की रिटेल बिक्री में 28.1 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई।
इससे संकेत मिलता है कि खरीफ सीजन के दौरान ग्रामीण बाजार में मांग मजबूत बनी हुई है। हालांकि, इन आंकड़ों को केवल कृषि क्षेत्र की बढ़ती मांग के रूप में देखना जल्दबाजी होगी।
जुलाई 2026 बनाम जुलाई 2025: कंपनीवार ट्रैक्टर रिटेल बिक्री
| कंपनी | जुलाई 2026 | बाजार हिस्सेदारी | जुलाई 2025 | बाजार हिस्सेदारी | वृद्धि (%) |
|---|---|---|---|---|---|
| महिंद्रा एंड महिंद्रा (ट्रैक्टर) | 26,863 | 22.89% | 20,617 | 22.51% | 30.29% |
| महिंद्रा एंड महिंद्रा (स्वराज) | 22,334 | 19.03% | 16,733 | 18.27% | 33.47% |
| इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स लिमिटेड | 15,991 | 13.63% | 12,824 | 14.00% | 24.70% |
| TAFE | 14,178 | 12.08% | 9,655 | 10.54% | 46.85% |
| एस्कॉर्ट्स कुबोटा | 12,782 | 10.89% | 9,202 | 10.05% | 38.90% |
| जॉन डियर इंडिया | 8,087 | 6.89% | 6,986 | 7.63% | 15.76% |
| आयशर ट्रैक्टर्स | 7,910 | 6.74% | 6,321 | 6.90% | 25.14% |
| सीएनएच इंडस्ट्रियल इंडिया | 5,417 | 4.62% | 3,932 | 4.29% | 37.77% |
| अन्य | 3,787 | 3.23% | 5,334 | 5.82% | -29.00% |
| कुल | 1,17,349 | 100% | 91,604 | 100% | 28.10% |
स्रोत: FADA रिसर्च
TAFE ने दर्ज की सबसे तेज वृद्धि
प्रमुख कंपनियों में TAFE ने सबसे अधिक 46.85 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। कंपनी की बाजार हिस्सेदारी भी बढ़कर 10.54 प्रतिशत से 12.08 प्रतिशत हो गई। यह दर्शाता है कि कंपनी ने जुलाई महीने में प्रतिस्पर्धियों की तुलना में अधिक तेजी से अपनी बिक्री बढ़ाई।
इसी तरह एस्कॉर्ट्स कुबोटा और सीएनएच इंडस्ट्रियल इंडिया ने भी उद्योग की औसत वृद्धि से बेहतर प्रदर्शन किया। एस्कॉर्ट्स कुबोटा की बिक्री 38.90 प्रतिशत और सीएनएच इंडस्ट्रियल की बिक्री 37.77 प्रतिशत बढ़ी।
महिंद्रा समूह ने बरकरार रखी बाजार में बढ़त
महिंद्रा एंड महिंद्रा और उसकी स्वराज डिवीजन ने मिलकर जुलाई 2026 में 49,197 ट्रैक्टर बेचे। दोनों ब्रांडों की संयुक्त बाजार हिस्सेदारी 41.92 प्रतिशत रही, जो पिछले वर्ष 40.78 प्रतिशत थी।
महिंद्रा की तुलना में स्वराज ब्रांड की वृद्धि अधिक रही। स्वराज की बिक्री में 33.47 प्रतिशत वृद्धि हुई, जबकि महिंद्रा ट्रैक्टर डिवीजन ने 30.29 प्रतिशतकी वृद्धि दर्ज की।
इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स तीसरे स्थान पर कायम
इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स लिमिटेड ने जुलाई 2026 में 15,991 ट्रैक्टर बेचे और तीसरे सबसे बड़े ट्रैक्टर निर्माता के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखी। हालांकि कंपनी की बिक्री 24.70 प्रतिशत बढ़ी, लेकिन यह उद्योग की औसत वृद्धि से थोड़ी कम रही, जिससे इसकी बाजार हिस्सेदारी 14.00 प्रतिशत से घटकर 13.63 प्रतिशत रह गई।
वहीं जॉन डियर इंडिया की बिक्री में 15.76 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो प्रमुख कंपनियों में सबसे कम रही। इसके परिणामस्वरूप कंपनी की बाजार हिस्सेदारी में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई।
छोटे ब्रांडों की हिस्सेदारी घटी
“अन्य” श्रेणी में आने वाले छोटे ट्रैक्टर ब्रांडों की बिक्री 29 प्रतिशत घट गई। उनकी संयुक्त बाजार हिस्सेदारी 5.82 प्रतिशत से घटकर 3.23 प्रतिशतरह गई। इससे संकेत मिलता है कि ग्राहक बड़े और स्थापित ब्रांडों की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं।
पिछले वर्षों की तुलना में अधिक तेज रही वृद्धि
यदि जुलाई 2025 की तुलना जुलाई 2024 से की जाए तो उस समय कुल ट्रैक्टर रिटेल बिक्री में लगभग 10.96 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई थी। इसके मुकाबले जुलाई 2026 में 28.1 प्रतिशत की वृद्धि कहीं अधिक तेज है।
| कंपनी | जुलाई 2025 | जुलाई 2024 | वृद्धि (%) |
| महिंद्रा एंड महिंद्रा (ट्रैक्टर) | 20,610 | 18,436 | 11.79% |
| महिंद्रा एंड महिंद्रा (स्वराज) | 16,725 | 16,267 | 2.82% |
| इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स | 12,536 | 11,147 | 12.46% |
| TAFE | 9,649 | 7,871 | 22.59% |
| एस्कॉर्ट्स कुबोटा | 9,196 | 8,273 | 11.16% |
| जॉन डियर इंडिया | 7,027 | 6,237 | 12.67% |
| आयशर ट्रैक्टर्स | 6,166 | 5,417 | 13.83% |
| सीएनएच इंडस्ट्रियल इंडिया | 3,872 | 3,016 | 28.38% |
| कुबोटा एग्रीकल्चरल मशीनरी इंडिया | 569 | 1,462 | -61.08% |
| अन्य | 2,372 | 1,835 | 29.26% |
| कुल | 88,722 | 79,961 | 10.96% |
स्रोत: FADA रिसर्च
यह तुलना बताती है कि जुलाई 2026 की वृद्धि केवल कमजोर आधार (Base Effect) का परिणाम नहीं है, बल्कि बाजार में वास्तविक तेजी देखने को मिल रही है।
आंकड़ों में संशोधन भी आया सामने
ध्यान देने योग्य बात यह है कि जुलाई 2025 के कुल रिटेल आंकड़े दोनों वर्षों की FADA रिपोर्ट में अलग-अलग दिखाई देते हैं। जुलाई 2026 की रिपोर्ट में जुलाई 2025 का आंकड़ा 91,604 बताया गया है, जबकि पिछले वर्ष जारी रिपोर्ट में यही संख्या 88,722 थी।
इसका कारण विभिन्न क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (RTO) से बाद में प्राप्त हुए पंजीकरण आंकड़े हैं। जुलाई 2026 की रिपोर्ट 1,465 में से 1,468 RTO के आंकड़ों पर आधारित है, जबकि जुलाई 2025 की रिपोर्ट 1,386 में से 1,446 RTO के आंकड़ों पर तैयार की गई थी। इसलिए FADA के मासिक आंकड़ों में बाद में कुछ संशोधन होना सामान्य प्रक्रिया है।
क्या यह वृद्धि खेती के लिए है या ढुलाई के लिए?
हालांकि ट्रैक्टरों की बिक्री में आई 28 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि उत्साहजनक है, लेकिन उपलब्ध आंकड़े यह नहीं बताते कि खरीदे गए ट्रैक्टरों का उपयोग वास्तव में किस उद्देश्य के लिए किया जाएगा।
FADA के रिटेल पंजीकरण आंकड़ों में यह जानकारी नहीं होती कि ट्रैक्टर खेती के कार्यों—जैसे जुताई, बुवाई, सिंचाई या कटाई—के लिए खरीदे गए हैं या फिर उनका उपयोग ढुलाई, निर्माण कार्य, ग्रामीण परिवहन अथवा अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में किया जाएगा।
पिछले कुछ वर्षों में भारत के अनेक राज्यों में ट्रैक्टर केवल कृषि मशीन नहीं रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में उनका उपयोग माल ढुलाई, निर्माण सामग्री के परिवहन और अन्य व्यावसायिक कार्यों में भी तेजी से बढ़ा है। ऐसे में केवल रिटेल बिक्री के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है कि पूरी वृद्धि कृषि क्षेत्र की मांग के कारण हुई है।
फिर भी कंपनियों के लिए भारत सबसे बड़ा अवसर
भले ही ट्रैक्टरों के अंतिम उपयोग का स्पष्ट वर्गीकरण उपलब्ध नहीं है, लेकिन एक तथ्य निर्विवाद है कि भारत आज दुनिया का सबसे आकर्षक और सबसे बड़ा ट्रैक्टर बाजार बन चुका है।
महिंद्रा, TAFE, एस्कॉर्ट्स कुबोटा, इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स, जॉन डियर और सीएनएच जैसी घरेलू और वैश्विक कंपनियां भारत को अपनी दीर्घकालिक विकास रणनीति का सबसे महत्वपूर्ण बाजार मान रही हैं। विशाल ग्रामीण अर्थव्यवस्था, लगातार बढ़ता मशीनीकरण, पुराने ट्रैक्टरों के प्रतिस्थापन की मांग और कृषि के साथ-साथ गैर-कृषि उपयोग में बढ़ती हिस्सेदारी भारत को वैश्विक ट्रैक्टर उद्योग के लिए सबसे लाभकारी बाजारों में शामिल करती है।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

