पैडी ट्रांसप्लांटर से आसान हुई धान की रोपाई, समय की बचत और 20% तक ज्यादा पैदावार की उम्मीद
13 जुलाई 2026, रायपुर: पैडी ट्रांसप्लांटर से आसान हुई धान की रोपाई, समय की बचत और 20% तक ज्यादा पैदावार की उम्मीद – छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। इसी कड़ी में गुण्डरदेही विकासखंड के ग्राम पंचायत भरदाकला के सरपंच क्रांति भूषण साहू ने अपने खेतों में पैडी ट्रांसप्लांटर (धान रोपने वाली मशीन) का उपयोग कर धान की रोपाई की है। इस तकनीक से कम समय में रोपाई पूरी होने के साथ मजदूरों पर निर्भरता घटी है और विशेषज्ञों के अनुसार इससे धान की पैदावार में 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावना रहती है।
करीब 35 से 40 एकड़ भूमि पर खेती करने वाले क्रांति भूषण साहू ने इस वर्ष 10 से 12 एकड़ क्षेत्र में पैडी ट्रांसप्लांटर की मदद से धान की रोपाई कराई। उन्होंने बताया कि पहले मजदूरों के जरिए रोपाई कराने में 20 से 25 दिन लग जाते थे, जबकि मशीन की मदद से यह काम काफी कम समय में और अधिक सटीक तरीके से पूरा हो गया। इससे समय की बचत के साथ खेती का कार्य भी व्यवस्थित हुआ।
पौधों की समान दूरी से बेहतर होती है फसल की बढ़वार
पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन धान के पौधों को निश्चित दूरी और समान गहराई पर सीधी कतारों में रोपती है। इससे पौधों को पर्याप्त जगह और पोषण मिलता है, जिससे फसल का विकास बेहतर होता है। साथ ही बाद में निंदाई-गुड़ाई जैसे कृषि कार्य भी आसानी से किए जा सकते हैं। कृषि सीजन में मजदूरों की कमी किसानों के लिए बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में यह मशीन किसानों के लिए एक प्रभावी विकल्प बनकर सामने आई है।
शुरुआत में थोड़ा खर्च, लेकिन लंबे समय में लाभदायक
क्रांति भूषण साहू ने बताया कि पैडी ट्रांसप्लांटर के उपयोग के लिए ट्रे आधारित नर्सरी और कुछ अन्य संसाधनों पर शुरुआती खर्च जरूर आता है, लेकिन बड़े रकबे में खेती करने वाले किसानों के लिए यह तकनीक लंबे समय में काफी किफायती साबित होती है। उनका कहना है कि भविष्य में मजदूरों की उपलब्धता कम होने और समय की बढ़ती जरूरत को देखते हुए खेती में मशीनीकरण ही सबसे बेहतर विकल्प है। धान की रोपाई के लिए पैडी ट्रांसप्लांटर बेहद उपयोगी और लाभकारी तकनीक है।
अन्य किसान भी दिखा रहे रुचि
कृषि विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में क्षेत्र के अन्य किसान भी अब पैडी ट्रांसप्लांटर की कार्यप्रणाली को समझकर इसे अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं। किसानों का मानना है कि समय पर रोपाई होने से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार होगा। आधुनिक कृषि तकनीकों के बढ़ते उपयोग से खेती अधिक आसान, वैज्ञानिक और लाभकारी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
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