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कृषि यंत्रीकरण से बदल रही खेती की तस्वीर, 21.61 लाख किसानों को मिली आधुनिक मशीनें

केंद्र सरकार की योजना से छोटे किसानों, महिला किसानों और ड्रोन तकनीक को मिला बढ़ावा

11 जुलाई 2026, भोपाल: कृषि यंत्रीकरण से बदल रही खेती की तस्वीर, 21.61 लाख किसानों को मिली आधुनिक मशीनें – देश में खेती को आधुनिक, वैज्ञानिक और अधिक लाभकारी बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार कृषि यांत्रिकीकरण पर सब-मिशन (एसएमएएम) के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि उपकरणों और मशीनों तक पहुंच उपलब्ध करा रही है। इस योजना का उद्देश्य छोटे एवं सीमांत किसानों, महिला किसानों, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के किसानों तथा उन क्षेत्रों में कृषि मशीनीकरण को बढ़ावा देना है, जहां अभी भी आधुनिक कृषि उपकरणों का उपयोग अपेक्षाकृत कम है।

सरकार के अनुसार, वर्ष 2014-15 से 2025-26 के दौरान इस योजना के तहत 9,404.47 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराई गई, जिसके माध्यम से देशभर के किसानों को 21.61 लाख कृषि मशीनें उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। इन मशीनों में ट्रैक्टर चालित उपकरण, बीज एवं उर्वरक ड्रिल, रोटावेटर, रीपर, हार्वेस्टर, पावर वीडर सहित विभिन्न आधुनिक कृषि यंत्र शामिल हैं, जिनसे खेती के कार्य अधिक तेज, सटीक और कम लागत में किए जा रहे हैं।

योजना के अंतर्गत आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए 52.50 करोड़ रुपये की सहायता से देशभर में 40,928 किसान ड्रोन प्रदर्शन भी आयोजित किए गए हैं। इन प्रदर्शनों के माध्यम से किसानों को ड्रोन की सहायता से उर्वरकों और कीटनाशकों के छिड़काव, फसल निगरानी तथा सटीक कृषि तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। इससे किसानों को नई तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है और कृषि कार्यों में समय, श्रम तथा लागत की बचत हो रही है।

केंद्र सरकार का मानना है कि कृषि यंत्रीकरण से न केवल खेती की उत्पादकता बढ़ेगी, बल्कि श्रम की कमी की समस्या का समाधान भी होगा। आधुनिक मशीनों के उपयोग से समय पर बुवाई और कटाई संभव होगी, जिससे फसल उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार आएगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, कृषि यांत्रिकीकरण पर सब-मिशन देश में तकनीक आधारित खेती को नई गति देने वाली महत्वपूर्ण योजना है। आधुनिक कृषि उपकरणों और ड्रोन जैसी उन्नत तकनीकों के व्यापक उपयोग से खेती अधिक दक्ष, टिकाऊ और लाभकारी बनेगी। साथ ही छोटे एवं सीमांत किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने में भी यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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