कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने रायसेन में जारी किया 4 जिलों का कृषि रोडमैप, किसानों को दी बड़ी सौगात
13 अप्रैल 2026, नई दिल्ली: कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने रायसेन में जारी किया 4 जिलों का कृषि रोडमैप, किसानों को दी बड़ी सौगात – मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में आयोजित उन्नत कृषि महोत्सव के दूसरे दिन केन्द्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने किसानों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए सीहोर, विदिशा, रायसेन और देवास जिलों का समग्र कृषि रोडमैप जारी किया। इस अवसर पर उन्होंने इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल का निरीक्षण किया और किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। साथ ही वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के साथ समाधान पर विस्तृत चर्चा भी की गई।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कृषि को लाभकारी बनाने के लिए नई तकनीकों, फसल विविधीकरण और एकीकृत खेती पद्धतियों को अपनाना जरूरी है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पारंपरिक खेती के साथ पशुपालन, बागवानी, मधुमक्खी पालन और जैविक खेती को भी अपनाएं, ताकि कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त किया जा सके। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक बैठे किसानों तक पहुंचाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
4 जिलों के लिए समग्र कृषि विकास योजना
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह रोडमैप केवल कागजी योजना नहीं, बल्कि इसे ज़मीन पर उतारने की ठोस रणनीति है। Narendra Modi के मार्गदर्शन में कृषि को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने के लिए यह पहल की गई है। उन्होंने बताया कि आगे चलकर मध्यप्रदेश के सभी जिलों के लिए इसी प्रकार की योजनाएं तैयार की जाएंगी।
जल प्रबंधन और फसल विविधीकरण पर जोर
इन जिलों की मिट्टी, जलवायु और तापमान को ध्यान में रखते हुए तैयार योजना में जल संरक्षण, फसल विविधीकरण और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विशेष ध्यान दिया गया है। गेहूं, धान और सोयाबीन जैसी पारंपरिक फसलों पर निर्भरता कम कर टमाटर, प्याज, लहसुन, भिंडी, शिमला मिर्च के साथ अनार, ड्रैगन फ्रूट और एवोकाडो जैसी फसलों को बढ़ावा देने की बात कही गई।
भूजल संकट और मृदा स्वास्थ्य बड़ी चुनौती
मंत्री ने बताया कि इन क्षेत्रों में सिंचाई का बड़ा हिस्सा भूजल पर निर्भर है और कई जगह जलस्तर गिर रहा है। साथ ही मृदा स्वास्थ्य कमजोर होना और वैल्यू एडिशन की कमी भी बड़ी समस्या है। ऐसे में वैज्ञानिक खेती और संसाधनों के संतुलित उपयोग की आवश्यकता है।
Soil Mobile App लॉन्च, वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा
किसानों को सटीक जानकारी देने के लिए एक नया Soil Mobile App लॉन्च किया गया है। इसके जरिए किसान अपने खेत में खड़े होकर ही खाद और उर्वरकों की सही मात्रा जान सकेंगे। सॉइल हेल्थ कार्ड के उपयोग पर भी जोर दिया गया, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
हर ब्लॉक में ‘बीज ग्राम’ बनाने की योजना
उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने के लिए हर ब्लॉक में ‘बीज ग्राम’ विकसित किए जाएंगे। इसके तहत चयनित गांवों में उन्नत बीज उत्पादन होगा, जिससे उत्पादन में लगभग 20 प्रतिशत तक वृद्धि की संभावना जताई गई है। इस पहल में Indian Council of Agricultural Research की भी अहम भूमिका रहेगी।
मशीन बैंक और कस्टम हायरिंग सेंटर से राहत
छोटे किसानों को महंगे कृषि उपकरणों की समस्या से राहत देने के लिए ‘मशीन बैंक’ और कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। पंचायत स्तर पर इनकी स्थापना कर किसानों को सस्ती दरों पर मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी।
कोल्ड स्टोरेज और वैल्यू एडिशन पर फोकस
किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस और कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। साथ ही टमाटर जैसी फसलों से सॉस, प्यूरी और पाउडर बनाकर वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देने की योजना है।
FPO और वैज्ञानिक नेटवर्क को किया जाएगा मजबूत
मंत्री ने किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को मजबूत बनाने पर जोर देते हुए कहा कि समूह आधारित खेती से किसानों को बेहतर बाजार और सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही कृषि महाविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थानों को जोड़कर एक मजबूत वैज्ञानिक नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

