सीधी जिले में धान की यंत्रीकृत रोपाई को मिलेगा बढ़ावा
20 से 28 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित
20 जुलाई 2026, सीधी: सीधी जिले में धान की यंत्रीकृत रोपाई को मिलेगा बढ़ावा – सीधी जिले में खरीफ मौसम की प्रमुख फसल धान का उत्पादन बड़े पैमाने पर किया जाता है। वर्तमान में अधिकांश किसान परंपरागत हाथ से रोपाई पद्धति अपनाते हैं, जिसमें अधिक श्रम, समय और लागत की आवश्यकता होती है। कई बार समय पर पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध नहीं होने के कारण रोपाई कार्य प्रभावित होता है, जिसका सीधा असर फसल की उत्पादकता पर पड़ता है। इन चुनौतियों को देखते हुए कृषि अभियांत्रिकी संचालनालय, मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिले में धान की यंत्रीकृत रोपाई को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
इसी क्रम में किसानों को पैडी (राइस) ट्रांसप्लांटर मशीन की खरीद पर शासन द्वारा अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। इच्छुक किसान विभाग के ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर 20 जुलाई से 28 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्राप्त होने के बाद लॉटरी प्रक्रिया एवं शासन द्वारा निर्धारित पात्रता एवं शर्तों के अनुसार मशीन क्रय करने वाले किसानों को 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जाएगा।
पैडी (राइस) ट्रांसप्लांटर मशीन धान की नर्सरी की यंत्रीकृत रोपाई के लिए विकसित आधुनिक कृषि यंत्र है। यह 4, 6 एवं 8 कतारों में एक साथ रोपाई करने में सक्षम है। इस मशीन के उपयोग के लिए चटाई नुमा तकनीक से तैयार की गई धान की नर्सरी का उपयोग किया जाता है, जिसे मशीन की प्लेट में रखकर सीधे खेत में रोपा जाता है। मशीन के संचालन में केवल 2 से 3 श्रमिकों की आवश्यकता होती है। यह राइडिंग टाइप तथा वॉक-बिहाइंड टाइप दोनों प्रकारों में उपलब्ध है तथा आवश्यकता के अनुसार पौधे से पौधे की दूरी, कतारों की दूरी एवं रोपाई की गहराई को भी समायोजित किया जा सकता है।
यंत्रीकृत रोपाई से वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप पौधों की रोपाई होती है, जिससे पौधों का बेहतर विकास एवं अधिक उत्पादन सुनिश्चित होता है। कतारबद्ध रोपाई होने से निराई-गुड़ाई, खरपतवार नियंत्रण और कटाई जैसे कृषि कार्य भी आसानी से किए जा सकते हैं। यह मशीन सामान्यतः लगभग 6 घंटे प्रति हेक्टेयर की दर से रोपाई करने में सक्षम है, जिससे श्रम, समय और लागत में 40 से 50 प्रतिशत तक की बचत होती है, वहीं धान के उत्पादन में 30 से 40 प्रतिशत तक वृद्धि की संभावना रहती है।
मशीन पर अनुदान प्राप्त करने के लिए किसानों को आवेदन के साथ अपने नाम की भूमि संबंधी दस्तावेज (फॉर्म-बी-1), आधार कार्ड, बैंक पासबुक की प्रति, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए जाति प्रमाण-पत्र तथा यंत्र के अनुसार निर्धारित धरोहर राशि का डिमांड ड्राफ्ट (डी.डी.) प्रस्तुत करना होगा।
कृषि विभाग ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर आधुनिक कृषि यंत्रों का लाभ उठाएं तथा धान की यंत्रीकृत रोपाई अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी एवं कम लागत वाली बनाएं।
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