राज्य कृषि समाचार (State News)

सीधी, रीवा और सतना जिलों में भारी वर्षा की संभावना

10 सितंबर 2026, इंदौरसीधी, रीवा और सतना जिलों में भारी वर्षा की संभावना – मौसम केंद्र , भोपाल से मिली जानकारी के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान मध्यप्रदेश के  रीवा संभाग के जिलों में अनेक स्थानों पर; शहडोल संभाग के जिलों में कुछ स्थानों  पर;  उज्जैन , जबलपुर, सागर संभागों के जिलों में  कहीं -कहीं  वर्षा दर्ज़  की गई एवं शेष सभी संभागों के जिलों में  मौसम  मुख्यतः शुष्क रहा ।  1  जून से 10  सितंबर तक दीर्घावधि औसत से मध्यप्रदेश में -8 % कम वर्षा हुई।  पूर्वी मप्र में औसत से -2 % कम तथा पश्चिमी मप्र में औसत से -13 % कम वर्षा हुई।  रीवा संभाग के सभी जिलों  (मैहर को छोड़कर), शहडोल संभाग , देवास, सागर, छिंदवाड़ा, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, कटनी जिलों में वज्रपात / झंझावात के साथ वर्षा हुई। रीवा – 41,  उमरिया  – 35, मंडला – 33, सतना – 33, जबलपुर – 30 किमी / घंटा की रफ़्तार से झोंकेदार हवाएं / आंधी चली।

वर्षा के प्रमुख आंकड़े –  चितरंगी   42.3,  उदयनगर  40.0,  माड़ा 34.0,  सिंहावल 27.2,  नईगढ़ी  20.0,  मंडला  19.5,  मऊगंज  18.0,  सीधी  16.6,  सतना  15.8,  सरई 15.0,  बरहाई  14.2,  सिहोरा  12.0,  कटनी  12.0,  कुसमी  12.0,  देवसर  11.2,  बहोरीबंद  9.6 मिमी  वर्षा दर्ज़ की गई।

मौसमी परिस्थितियां – कम दबाव का क्षेत्र ,  उत्तर -पश्चिम  बंगाल की खाड़ी और उससे सटे इलाकों पर बना आज, 10 सितंबर  2026 को सुबह 08:30 बजे भारतीय समयानुसार उसी क्षेत्र में बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण भी फैला हुआ है। ऊपरी हवा का  चक्रवाती  परिसंचरण ,  उत्तर हरियाणा  और उससे सटे  इलाकों , पश्चिमी उत्तर प्रदेश  और उससे सटे इलाकों ,  सौराष्ट्र और उससे सटे इलाकों के ऊपर,  दक्षिण गुजरात और उससे सटे इलाकों में स्थित है। टफ अब  उत्तर हरियाणा  से लेकर  उत्तर प्रदेश  और झारखंड होते हुए  उत्तर -पश्चिम  बंगाल की खाड़ी और उससे सटे इलाकों पर बने कम दबाव के क्षेत्र  से जुड़े  चक्रवाती  परिसंचरण तक विस्तृत है। मानसून ट्रफ ( द्रोणिका ) मध्य समुद्र तल पर अब  जम्मू , देहरादून, फतेहगढ़, प्रयागराज,  अंबिकापुर , झारसुगुड़ा से होते हुए  उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे सटे इलाकों पर बने कम दबाव के क्षेत्र के केंद्र तक और वहां से पूर्व -दक्षिण -पूर्व  की ओर  पूर्व -मध्य  बंगाल की खाड़ी तक गुजर रही है।  पश्चिमी  विक्षोभ  अब  मध्य समुद्र तल से 5.8 किलो मीटर की ऊं चाई पर  उत्तर पाकिस्तान  और उससे लगे  जम्मू  के ऊपर एक  चक्रवाती   परिसंचरण के रूप में देखा जा रहा है।

पूर्वानुमान – मौसम केंद्र ने सीधी, रीवा और  सतना जिलों में भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में झंझावात / वज्रपात और झोंकेदार हवाएं ( 30 -40  किमी / घंटा ) चलने की संभावना है। जबकि भोपाल, विदिशा , रायसेन, सीहोर, राजगढ़,  नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खर गोन , बड़वानी,  आलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम,  उज्जैन , देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर ,  दतिया , भिंड , मुरैना, श्यो पुरकलां,  नरसिंहपुर, सागर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में कहीं -कहीं ,अनुपपुर,  उमरिया , डिंडोरी , कटनी, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी , मंडला, बालाघाट, दमोह, छतरपुर और पांढुर्ना जिलों में कुछ स्थानों पर वर्षा के साथ ही झंझावात / वज्रपात  और  झोंके दार हवाएं 30-40 किमी /घंटा से चलने की संभावना है।  सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, शहडोल, पन्ना  और मैहर जिलों में अनेक स्थानों पर वर्षा होगी या गरज -चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी।

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