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राज्य कृषि समाचार (State News)

कृषि को केवल जीविकोपार्जन का साधन न मानकर इसे किसानों के लिए लाभ का व्यवसाय बनाया जाए

10 सितंबर 2026, भोपाल: कृषि को केवल जीविकोपार्जन का साधन न मानकर इसे किसानों के लिए लाभ का व्यवसाय बनाया जाए – बलराम कृषि महोत्सव के अवसर पर निवाड़ी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कृषि विकास, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से संवाद कर कृषि से जुड़े विषयों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है तथा किसानों को उन्नत तकनीक, बेहतर सुविधाएं और शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में मौजूद किसानों से कहा कि कृषि क्षेत्र आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ और सबकी समृद्धि की सबसे बड़ी गारंटी बनने जा रहा है। उन्होंने किसानों से कहा कि वे दुग्ध उत्पादन, श्रीअन्न उत्पादन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी जिसमें भी उनकी रुचि है, एक नई शुरुआत के साथ आगे बढ़ें। हमारी सरकार फील्ड से लेकर फैक्ट्री तक हमेशा किसानों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी किसान इस बलराम कृषि महोत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि किसान कल्याण वर्ष के माध्यम से पूरे वर्ष किसानों के हित में निरंतर कार्य किया जाए। किसानों की आय बढ़ाना और खेती को अधिक लाभकारी बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि कृषि के क्षेत्र में नई तकनीक, उन्नत बीज, आधुनिक कृषि यंत्र और वैज्ञानिक पद्धतियों का उपयोग बढ़ाने से किसानों को उत्पादन एवं आय में वृद्धि का लाभ मिलेगा।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव जैसे आयोजनों के माध्यम से किसानों को कृषि वैज्ञानिकों से सीधे संवाद करने, उन्नत कृषि यंत्रों, नवीन तकनीकों और बेहतर कृषि उत्पादन से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलता है। किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं उन्नत बीजों के साथ आधुनिक कृषि उपकरणों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे खेती की लागत कम हो और उत्पादन में वृद्धि हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार परंपरागत कृषि पद्धतियों के साथ प्राकृतिक एवं जैविक खेती को भी बढ़ावा दे रही है। प्राकृतिक खेती को अपनाकर किसान कम लागत में गुणवत्तापूर्ण उत्पादन कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को सिंचाई और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। किसानों को पर्याप्त विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के साथ कृषि क्षेत्र में आवश्यक अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं, महिलाओं, गरीबों और किसानों को आगे बढ़ाने के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि के साथ पशुपालन, पर्यटन और अन्य रोजगारपरक गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। गौशाला एवं पशुपालन से संबंधित योजनाओं के माध्यम से भी ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के विशेषज्ञों से मार्गदर्शन लेकर आधुनिक तकनीकों को अपनाएं तथा प्राकृतिक खेती, उन्नत बीज और आधुनिक कृषि यंत्रों का अधिक से अधिक उपयोग करें।

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत किसानों के हित में विभिन्न कार्यक्रम और गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण की सुविधा दी जा रही है। खरीफ एवं रबी फसलों के लिए ऋण चुकाने की अवधि 6-6 माह निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर अब एक वर्ष कर दिया गया है। अब किसान जिस दिन ऋण लेगा, उस दिनांक से एक वर्ष की अवधि में ऋण चुका सकेगा। प्रदेश में ढाई करोड़ किसानों को सब्सिडी पर बीज उपलब्ध कराया गया है।

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