बारिश से नहीं गलेगी फसल, जलभराव से बचाएगी रिजफरो ड्रिल तकनीक; किसानों को मिलेगा बेहतर उत्पादन
07 जून 2026, भोपाल: बारिश से नहीं गलेगी फसल, जलभराव से बचाएगी रिजफरो ड्रिल तकनीक; किसानों को मिलेगा बेहतर उत्पादन – दलहनी और तिलहनी फसलों में पानी की कम आवश्यकता होती है। इसी तरह सोयाबीन की फसल को भी कम पानी की आवश्यकता होती है। अधिक बारिश और जल भराव होने पर सोयाबीन के पौधे गलने लगते हैं। यही प्रभाव मूंग, उड़द, अरहर आदि की फसलों में होता है। इस समस्या को दूर करने के लिए रिजफरो सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल बहुत उपयोगी है।
इसे किसी भी ट्रैक्टर से चलाया जा सकता है। इसके उपयोग से खेत में फसल की बोनी के लिए नाली और पतली मेड़ का चार की कतार में निर्माण होता है। सोयाबीन तथा अन्य फसलें मेड़ की ढलान पर बोई जाती हैं। अधिक वर्षा होने पर नालियों के माध्यम से पानी खेत से बाहर हो जाता है जिससे गलन की समस्या दूर होती है।
यदि बारिश कम होती है तो मेड़ में संचित नमी पौधे के लिए उपयोगी साबित होती है। खेत में नाली और मेड़ बन जाने से इसमें अंतरवर्ती फसल भी ली जा सकती है। इसके उपयोग से कतार से कतार और पौधे से पौधे की दूरी निर्धारित हो जाती है जिससे उत्पादन में वृद्धि होती है। इसका उपयोग सोयाबीन सहित सभी दलहनी और तिलहनी फसलों के लिए बहुत कारगर है। इसकी खरीद में मध्यप्रदेश कृषि विभाग द्वारा अनुदान की सुविधा दी जा रही है।
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