राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

खेत बचाओ अभियान से जुड़े 9.42 लाख किसान, संतुलित उर्वरक उपयोग पर बढ़ा जोर

06 जून 2026, नई दिल्ली: खेत बचाओ अभियान से जुड़े 9.42 लाख किसान, संतुलित उर्वरक उपयोग पर बढ़ा जोर – कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तहत देशभर में संचालित ‘खेत बचाओ अभियान’ के माध्यम से संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जन-जागरूकता गतिविधियां जारी हैं। अभियान को किसानों का व्यापक समर्थन मिल रहा है और 4 जून 2026 तक देशभर में 9.42 लाख से अधिक किसानों को विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से इससे जोड़ा जा चुका है। अभियान का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन के प्रति जागरूक करना तथा कृषि भूमि की उर्वरता को दीर्घकाल तक बनाए रखना है।

जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों तक पहुंच

अभियान के तहत देशभर में अब तक 17,834 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें करीब 6.98 लाख किसानों ने भाग लिया। इसके अलावा 3,698 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 1.57 लाख से अधिक किसानों और प्रतिभागियों को संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा परीक्षण आधारित पोषक तत्व प्रबंधन तथा वैज्ञानिक खेती की तकनीकों की जानकारी दी गई। किसानों को यह भी बताया गया कि उर्वरकों का संतुलित और आवश्यकता आधारित उपयोग उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता को बनाए रखने में भी मददगार है।

प्रदर्शन कार्यक्रमों के जरिए दी जा रही व्यवहारिक जानकारी

किसानों को नई तकनीकों की व्यवहारिक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए अभियान के अंतर्गत 8,850 प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन प्रदर्शनों में जैविक एवं वैकल्पिक पोषक स्रोतों के उपयोग, समेकित पोषक तत्व प्रबंधन तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों का प्रदर्शन किया गया। अभियान में पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है। अब तक 5,237 पंच, सरपंच और जिला परिषद सदस्यों को अभियान से जोड़ा गया है। वहीं, उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग का संदेश किसानों तक पहुंचाने के लिए 9,609 इनपुट डीलरों के साथ भी संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए।

एफपीओ, स्वयं सहायता समूह और जनसंपर्क गतिविधियों से मिला अभियान को बल

अभियान को किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और किसान हित समूहों (एफआईजी) का भी सहयोग मिल रहा है। इन संगठनों के माध्यम से अब तक 8,383 किसान-सदस्यों को वैज्ञानिक पोषक प्रबंधन संबंधी जानकारी दी गई है। व्यापक जनसंपर्क गतिविधियों के तहत देशभर में 60,477 स्थानों पर बैनर, पोस्टर और होर्डिंग्स लगाए गए हैं। इसके अलावा 1,027 रेडियो एवं सामुदायिक रेडियो वार्ताओं तथा 240 टीवी और डिजिटल मीडिया कार्यक्रमों के जरिए अभियान का संदेश किसानों और आमजन तक पहुंचाया गया।

सोशल मीडिया से करोड़ों लोगों तक पहुंचा संदेश

अभियान के प्रचार-प्रसार में सोशल मीडिया की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्मों के माध्यम से अब तक लगभग 3.50 करोड़ लोगों तक अभियान का संदेश पहुंचाया जा चुका है। केवल 4 जून 2026 तक ही अभियान के अंतर्गत 600 कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 32,021 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। मंत्रालय का मानना है कि संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा परीक्षण आधारित पोषक तत्व प्रबंधन और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाकर न केवल उत्पादन बढ़ाया जा सकता है, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए स्वस्थ एवं उत्पादक कृषि भूमि का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सकता है।

अभियान के माध्यम से किसानों को मिट्टी की सेहत सुधारने, उर्वरकों के संतुलित उपयोग को अपनाने और कृषि को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है। मंत्रालय का लक्ष्य वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देकर किसानों की आय में वृद्धि और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को सुनिश्चित करना है।

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