फसल की खेती (Crop Cultivation)

फसल की खेती (Crop Cultivation) से जुड़ी संपूर्ण जानकारी प्राप्त करें। गेहूं, धान, सोयाबीन, मक्का, चना, सरसों, कपास, दालों और तिलहनी फसलों की उन्नत खेती, बुवाई, सिंचाई, पोषण प्रबंधन, रोग एवं कीट नियंत्रण के विशेषज्ञ सुझाव पढ़ें।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
फसल की खेती (Crop Cultivation)

भाषा और पर्यावरण

किसी समाज का पर्यावरण पहले बिगडऩा शुरू होता है या उसकी भाषा- हम इसे समझकर संभल सकने के दौर से अभी तो आगे बढ़ गए हैं। हम ‘विकसित हो गए हैं। भाषा यानी केवल जीभ नहीं। भाषा यानी मन और

फसल की खेती (Crop Cultivation)

टमाटर का रस

टमाटर रस तैयार करने के लिए केवल पौधे पर पका हुआ लाल टमाटर का उपयोग करें धब्बे युक्त हरे तथा अधिक पके हुए पिलपिले टमाटर को अलग कर दें, क्योंकि इसके कारण रस की गुणवत्ता खराब हो सकती है। जूस

फसल की खेती (Crop Cultivation)

पर्यावरण हितैषी खेती

प्रत्येक अंचल की अपनी एक खास खुशबू होती है जो वहीं कि आबो-हवा से बनती और संवरती है किसी भी प्रदेश की संस्कृति मनुष्य की तीन मूलभूत आवश्यकताओं के आधार पर ही विकसित होती है। ये तीन मूलभूत आवश्यकता है।

Advertisements
फसल की खेती (Crop Cultivation)राज्य कृषि समाचार (State News)

अरहर की जल्दी पकने वाली किस्में लगाएं

शाजापुर। कृषि विज्ञान केन्द्र, शाजापुर द्वारा गत दिनों ग्राम बज्जाहेड़ा में  अरहर प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. एन.एस. सिकरवार, उपसंचालक पशु पालन, केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जी. आर. अम्बावतिया, श्री आर.एस. तोमर,

फसल की खेती (Crop Cultivation)

खरपतवारों से बचाएं सब्जियां

खरीफ मौसम में रबी मौसम की तुलना में खरपतवारों का प्रकोप अधिक होता है। सब्जियों में उगने वाले खरपतवारों को मुख्यत: चार श्रेणियों में बांटा जा सकता है। खरपतवारों से हानियां: खरपतवार जहां एक ओर फसल के साथ प्रतिस्पर्धा करके

Advertisements
फसल की खेती (Crop Cultivation)

सरसों में ओरोबैंकी का प्रबन्धन

ओरोबैंकी:- ओरोबैंकी या आग्या  या बादा या हड्डा (बु्रमरेप) की जातियां पूर्ण रूप से मूल परजीवी होती हैंं। यह विभिन्न फसलों पर आक्रमण करती हैं जिसमें सरसों, बैंगन, टमाटर, तम्बाकू, फूलगोभी, पत्तागोभी, शलजम और कई सोलोनेसी तथा क्रुसीफेरी कुल के

Advertisements
फसल की खेती (Crop Cultivation)

चने की उन्नत खेती

खेत का चुनाव व तैयारी : मध्यम तथा भारी किस्म की भूमि चने के लिए अधिक उपयुक्त होती है। खेत को तैयार करते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि मध्यम आकर के ढेले अवश्य बुआई के समय रहें। भूमि की

फसल की खेती (Crop Cultivation)

सरसों में एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन (आईपीएम)

प्रमुख नाशीजीव ( प्रमुख कीट एवं रोग) चेपा/माहू – यह कीट छोटा, कोमल, सफेद-हरे रंग का होता है। इस कीट के शिशु एवं प्रौढ़ दोनों पौधों के विभिन्न भागों से रस चूसते हैं। यह प्राय: दिसम्बर के अन्त से लेकर

फसल की खेती (Crop Cultivation)

दलहनी फसलों मेें सिंचाई

चना प्रयोगों द्वारा सिद्ध हो चुका है कि बुआई के 45 दिन (फूल आने के पहले) या 75 दिन के बाद एक सिंचाई करने से चने की उपज 30 से 35 प्रतिशत अधिक होती है। अगर रबी मौसम में सर्दियों

फसल की खेती (Crop Cultivation)

रबी फसलों में सिंचाई का महत्व

पौधों के लिये जल की आवश्यकता – छोटे बढ़ते हुए पौधों में 85 से 90 प्रतिशत भाग केवल जल ही होता है। जल ही पौधों को कोशिकाओं में विद्यमान जीवद्रव्य (प्रोटोप्लाज्म) का एक आवश्यक अंग है। जीव द्रव्य में जल

Advertisements