फसल की खेती (Crop Cultivation)

फसल की खेती (Crop Cultivation) से जुड़ी संपूर्ण जानकारी प्राप्त करें। गेहूं, धान, सोयाबीन, मक्का, चना, सरसों, कपास, दालों और तिलहनी फसलों की उन्नत खेती, बुवाई, सिंचाई, पोषण प्रबंधन, रोग एवं कीट नियंत्रण के विशेषज्ञ सुझाव पढ़ें।

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फसल की खेती (Crop Cultivation)

रबी फसलों में बीज का महत्व

मनुस्मृति में कहा गया है –     अक्षेत्रे बीजमुत्सृष्टमन्तरैव विनश्यति।     अबीजकमपि क्षेत्रं केवलं स्थण्डिलं भवत्।।     सुबीजम् सुक्षेत्रे जायते संवर्धते उपरोक्त    श्लोक द्वारा स्पष्ट किया गया है कि अनुपयुक्त भूमि में बीज बोने से बीज नष्ट हो जाते हैं

फसल की खेती (Crop Cultivation)

आलू में रोग नियंत्रण के उपाय

आलू का अगेती अंगमारी रोग यह रोग आल्टनेरिया सोलेनाइ नामक फफूंद से उत्पन्न होता है। हर वर्ष लगभग सभी खेतों में थोड़े से अधिक मात्रा में पाया जाता है। अधिक प्रकोप हो जाने पर फसल की उपज में 50 –

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उड़द पड़ी सोयाबीन पर भारी

भोपाल। खरीफ फसलों में सर्वोच्च सोयाबीन पर कृषकों का कम रुझान हो गया है। सीजन में सोयाबीन उड़द, मक्का, मूंग, धान फसलों के उत्पादन में उड़द की भरपूर आवक मण्डी में देखी गई। पिछले वर्ष खरीफ में उड़द 1.94 क्विं.

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फसल की खेती (Crop Cultivation)

रबी मक्का लाभकारी क्यों ?

रबी मौसम कृषि कार्य योजना बनाकर सभी कार्य समय पर कर सकते हैं। जिसमें बुआई, सिंचाई, जल निकास, खरपतवार प्रबंधन, अन्तरशस्य क्रियायें, मिट्टी चढ़ाना, खाद/उर्वरक देना तथा सूर्य प्रकाश की उपलब्धता का होना, जिससे पौधों के बढ़वार में पूरी अनुकूलता

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फसल की खेती (Crop Cultivation)

कम लागत में लगायें मसूर

भूमि का चुनाव एवं तैयारी  – मसूर सभी प्रकार की भूमि में उगार्ई जा सकती है। किन्तु दोमट और भारी भूमि इसके लिये अधिक उपयुक्त है। भूमि का पी.एच. मान 6.5 से 7.0 के बीच होना चाहये तथा जल निकास

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मल्चिंग पद्धति से लगायी मिर्च

के.जे. एजुकेशन सोसायटी की टीम को जैसीनगर ब्लॉक के ग्राम सींगना के कृषक प्रेम सिंह लोधी ने बताया कि विगत वर्ष सोसायटी द्वारा हमारे खेत में प्याज का प्रदर्शन लगवाया था जिसकी बेहद अच्छी पैदावार हुई थी बाद में अन्तर्राज्यीय

फसल की खेती (Crop Cultivation)

गेंदा लगायें बहार लायें

भूमि एवं भूमि की तैयारी:- जलनिकास युक्त बलुई दोमट मिट्टी सर्वोत्तम होती है। भूमि की तैयारी के लिये भूमि को अच्छी तरह 3-4 जुताई करके पाटे की सहायता से समतल एवं भुरभुरी बना लेना चाहिये। अफ्रीकन गेंदा:- इस प्रजाति के

फसल की खेती (Crop Cultivation)

एलोवेरा की खेती भी किसानों को लाभ देती

– डॉ. जी.एन. पाण्डेय – डी.के. पाटीदार – बी.के. पाटीदार – ए. पाण्डेय ग्वारपाठा, घृतकुमारी या एलोवेरा जिसका वानस्पतिक नाम एलोवेरा बारबन्डसिस हैं तथा लिलिऐसी परिवार का सदस्य है। इसका उत्पत्ति स्थान उत्तरी अफ्रीका माना जाता है। एलोवेरा को विभिन्न भाषाओं में अलग-अलग

उद्यानिकी (Horticulture)फसल की खेती (Crop Cultivation)

कृषि उत्पादकता में मधुमक्खी पालन का विशेष योगदान : श्री चतुर्वेदी

बुरहानपुर। मधुमक्खी पालन से कृषि की उत्पादकता में 25-30 प्रतिशत वृद्धि होती है। साथ ही शहद एवं मोम के रूप में उत्पाद प्राप्त होते है। इससे किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त होती है। आत्मा परियोजना संचालक श्री राजेश चतुर्वेदी ने

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