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नरवाई प्रबंधन के लिए कृषि यंत्रों पर मिलेगी 1.20 लाख रुपये तक सब्सिडी, जानें आवेदन का तरीका

20 अक्टूबर 2026, सिंगरौली: नरवाई प्रबंधन के लिए कृषि यंत्रों पर मिलेगी 1.20 लाख रुपये तक सब्सिडी, जानें आवेदन का तरीका – मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के किसानों को नरवाई प्रबंधन के लिए आधुनिक कृषि यंत्र खरीदने पर सरकार की ओर से अनुदान दिया जा रहा है। इसके तहत हैप्पी सीडर, सुपर सीडर और स्मार्ट सीडर की खरीदी पर नियमानुसार सब्सिडी का लाभ लिया जा सकता है। इन कृषि यंत्रों की मदद से धान की कटाई के बाद खेतों में बचे फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन किया जा सकता है। इससे नरवाई जलाने की जरूरत कम होगी और रबी फसलों की समय पर बुवाई करने में भी मदद मिलेगी।

सुपर सीडर पर 1.20 लाख रुपये तक अनुदान

सुपर सीडर ऐसा कृषि यंत्र है, जिससे खेत की जुताई और बीज की बुवाई एक साथ की जा सकती है। यह खेत में मौजूद नरवाई और फसल अवशेषों को मिट्टी में मिलाने में मदद करता है। इससे फसल अवशेष जैविक पदार्थ के रूप में मिट्टी में मिल जाते हैं। इस यंत्र के इस्तेमाल से पारंपरिक तरीके की तुलना में जुताई और बुवाई की लागत लगभग 40 प्रतिशत तक कम हो सकती है। सुपर सीडर खरीदने पर शासन के नियमानुसार अधिकतम 1 लाख 20 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जाता है।

हैप्पी सीडर पर मिलेगी 86,350 रुपये तक सब्सिडी

हैप्पी सीडर जीरो टिलेज तकनीक पर आधारित कृषि यंत्र है। इसके जरिए खेत में मौजूद नरवाई को काटकर सतह पर बिछाया जाता है और बिना पारंपरिक जुताई के बीज की बुवाई की जाती है। खेत में बिछी नरवाई मल्चिंग का काम करती है, जिससे मिट्टी की नमी बनाए रखने में मदद मिलती है। इस यंत्र से जुताई और बुवाई की लागत पारंपरिक विधि की तुलना में लगभग 60 प्रतिशत तक कम हो सकती है। हैप्पी सीडर की खरीदी पर नियमानुसार अधिकतम 86,350 रुपये तक का अनुदान उपलब्ध है।

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स्मार्ट सीडर पर 90,200 रुपये तक अनुदान

स्मार्ट सीडर भी जीरो टिलेज तकनीक पर आधारित आधुनिक कृषि यंत्र है। इसके उपयोग से बीज की कतार में आवश्यक जुताई करते हुए नरवाई को खेत में दबाया जाता है। इससे फसल अवशेषों का बेहतर प्रबंधन करने और मिट्टी की नमी बनाए रखने में मदद मिलती है। इस यंत्र के इस्तेमाल से जुताई और बुवाई की लागत पारंपरिक विधि की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत तक कम हो सकती है। स्मार्ट सीडर खरीदने पर शासन के नियमानुसार अधिकतम 90,200 रुपये तक का अनुदान दिया जाता है।

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ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर करना होगा आवेदन

कृषि विभाग के अनुसार, इन कृषि यंत्रों पर अनुदान का लाभ लेने के लिए किसानों को विभागीय ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल https://farmer.mp.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के लिए किसान के स्वयं के नाम की भूमि की बी-1, बैंक पासबुक और ट्रैक्टर की आरसी आवश्यक होगी। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के पात्र किसानों को जाति प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा।

इसके अलावा, आवेदक को अपने बैंक खाते से 4,500 रुपये की धरोहर राशि का डिमांड ड्राफ्ट जमा करना होगा। प्राप्त आवेदनों के आधार पर निर्धारित लक्ष्य के अनुसार लॉटरी की सूचना प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद शासन के नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

नरवाई जलाने के बजाय अपनाएं आधुनिक कृषि यंत्र

नरवाई जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ने, मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होने और आगजनी की घटनाओं का खतरा रहता है। ऐसे में किसान फसल अवशेषों को जलाने के बजाय उनके उचित प्रबंधन के लिए आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग कर सकते हैं। इन यंत्रों से जुताई और बुवाई की लागत कम करने के साथ मिट्टी की नमी बनाए रखने तथा रबी फसलों की समय पर बुवाई करने में मदद मिल सकती है। इससे पर्यावरण संरक्षण और खेती को अधिक किफायती बनाने में भी सहायता मिलेगी।

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