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राज्य कृषि समाचार (State News)

बेमौसम बरसात-ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान

नुकसान की भरपाई करेगी सरकार

(विशेष प्रतिनिधि)

15  मार्च 2021, भोपाल । बेमौसम बरसात-ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान – प्रदेश में बेमौसम-बरसात और ओलावृष्टि से रबी फसलों को नुकसान पहुंचा है। कई जिलों में गेहूंं की कटाई चल रही है। फसलें खेतों में पड़ी हैं। राज्य के कई जिलों में बारिश एवं ओलावृष्टि की खबर है। शासन ने नुकसान का सर्वे करने के निर्देश दिए हैं।

पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजस्थान पर बने चक्रवात के कारण प्रदेश में बड़े पैमाने पर नमी आने का सिलसिला शुरू हुआ है। इससे प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बादल छा गए हैं। कई स्थानों पर आंधी चलने के साथ ही बौछारें भी पड़ीं। कई जिलों में ओलावृष्टि भी हुई। इससे विदिशा, सागर, राजगढ़, गुना, सीहोर और हरदा जिले में खेतों में कटी पड़ी फसलें भीगने से गेहूं, चना और धनिया की फसल को नुकसान पहुंचा है।

विदिशा जिले के शमशाबाद क्षेत्र के छह गांवों में बारिश के साथ ही 10 मिनट तक ओले गिरे, जिससे खेतों में कट रही गेहूं और चने की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। जिन क्षेत्रों में ओले नहीं गिरे हैं, वहां आंधी चलने के कारण गेहूं की खड़ी फसल आड़ी हो गई है।

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सीहोर के श्यामपुर क्षेत्र के कई गांवों में तेज बारिश होने के साथ ही बेर के आकार के ओले गिरे हैं। सागर शहर और आसपास के गांवों में तेज बारिश होने के साथ ही करीब तीन मिनट तक चने के आकार के ओले गिरे हैं। अशोकनगर, होशंगाबाद में भी बारिश हुई। छिंदवाड़ा और बैतूल में बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। इधर हरदा शहर सहित जिले के हंडिया, रहटगांव, नीमगांव क्षेत्र में आंधी चलने के साथ ही बारिश हुई करीब 20 मिनट तक ओलावृष्टि हुई।

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मौसम विभाग का मत

फरवरी माह के मध्य से ही लगातार पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत पहुंचने का सिलसिला बना हुआ है। इनकी वजह से मार्च माह की शुरुआत में जहां गर्मी के तीखे तेवर देखने को मिले, वहीं अब बेमौसम बारिश और ओला वृष्टि ने किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक 16 मार्च को एक के बाद एक कर दो पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में दाखिल होने वाले हैं। इन सिस्टम के प्रभाव से मध्यप्रदेश का मौसम एक बार फिर बिगड़ेगा। इससे 18 मार्च से आंधी-पानी का एक और दौर शुरू हो सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी श्री पीके साहा ने बताया कि पाकिस्तान पर बने पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तरी राजस्थान पर प्रेरित चक्रवात बना हुआ है। अधिकांश स्थानों पर खेतों में कटाई चल रही है। ऐसी स्थिति में बरसात और ओले गिरने के कारण फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा आम की फसल भी तबाह होने लगी है।

आंधी-तूफान से प्रभावित किसानों को मिलेगी राहत : श्री पटेल

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कृषि मंत्री श्री कमल पटेल ने सीहोर, हरदा और देवास के कलेक्टरों और उपसंचालक कृषि को तत्काल आंधी-तूफान से क्षतिग्रस्त फसलों की वीडियोग्राफी और सर्वे कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। किसानों को संकट की घड़ी में सरकार हर संभव मदद करेगी। किसानों के नुकसान की भरपाई सरकार के द्वारा की जाएगी। किसानों को क्षतिग्रस्त फसलों के लिए आरबीसी 6(4) के तहत राशि प्रदान की जाएगी।