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राज्य कृषि समाचार (State News)

नैनो उर्वरक के उपयोग एवं रेशम की खेती से संबंधित प्रशिक्षण संपन्न

17 जून 2023, बुरहानपुर: नैनो उर्वरक के उपयोग एवं रेशम की खेती से संबंधित प्रशिक्षण संपन्न – शुक्रवार को कृषि कार्यालय में कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के मैदानी अधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग/ महत्व के अलावा मलबेरी रेशम एवं टशर रेशम की खेती के बारे में बताया गया।

उप प्रबंधक इफको श्री संतोष रघुवंशी द्वारा नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग एवं महत्व के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। नैनो यूरिया 500 एमएल. प्रति एकड़ के मान से बुवाई के 30-35 दिन बाद बेसल डोज के बाद कर सकते हैं एवं दूसरा स्प्रे. अंकुरण के 50-55 दिन में करें। इस प्रकार कुल 2 बार स्प्रे कर सकते हैं । इसी प्रकार नैनो डीएपी की 250 एमएल मात्रा एक एकड़ के लिये पर्याप्त होती है। उन्होंने बताया कि 5 एमएल प्रति लीटर पानी के साथ नैनो डीएपी को बीज उपचार अथवा पौध उपचार के रूप में भी कर सकते हैं।

उप संचालक, सह महाप्रबंधक रेशम संघ श्री योगेश परमार द्वारा मलबेरी रेशम एवं टशर रेशम की खेती के बारे में विस्तार से बताया गया। शहतूती रेशम एक नगदी फसल है, इससे एक एकड़ में एक वर्ष में एक लाख रूपये तक की आय प्राप्त की जा सकती है। राज्य शासन द्वारा हितग्राहियों के सहयोग हेतु संचालित योजनाओं के बारे में भी बताया गया। प्रशिक्षण में उप संचालक कृषि श्री एम.एस. देवके, सहायक संचालक कृषि श्री एस.एस. कठेरिया, श्री जे.एस. रावत, श्री दीपक मण्डलोई, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्रीराम पाटिल , श्री प्रतापसिंह जमरे , समस्त ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एवं ग्रामीण उद्यान अधिकारी उपस्थित थे।

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